कोलकाता, 21 फरवरी। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शनिवार दोपहर कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्देश के अनुपालन में बुलाई गई है।
बैठक की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने की। इसका उद्देश्य उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित न्यायिक निगरानी व्यवस्था की रूपरेखा तय करना है, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से पूरी की जा सके।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के शेष चरण अब से कार्यरत न्यायिक अधिकारियों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की निगरानी में संपन्न किए जाएं। न्यायालय ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच चल रहे विवाद पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए यह असाधारण कदम उठाया।
बैठक में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस बैठक में सभी संबंधित पक्ष अपने विचार प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे जटिलताओं का समाधान निकालने और आगे की कार्ययोजना तय करने में मदद मिलेगी।
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के लिए पर्याप्त श्रेणी ‘ए’ अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं किए जाने को वह गंभीरता से ले रहा है। इसी संदर्भ में न्यायालय ने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि वे कुछ कार्यरत जिला न्यायाधीशों तथा पूर्व न्यायाधीशों की सेवाएं इस कार्य में लगाने की व्यवस्था करें।
मुख्य न्यायाधीश को यह बैठक बुलाकर न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया और तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने का निर्देश भी दिया गया था।
माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और ठोस व्यवस्था सामने आएगी।
