रांची, 9 जून। जनजातीय समाज के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को पूरे झारखंड में श्रद्धांजलि सभाओं और स्मरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हस्तियों ने धरती आबा को नमन करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के उत्थान में दिए गए योगदान को याद किया।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और झारखंड की माटी के वीर सपूत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनकी पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि जनजातीय अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष सदैव सभी को प्रेरित करता रहेगा।
लोक भवन तथा बिरसा चौक में बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर रांची स्थित लोक भवन तथा बिरसा चौक पहुंचकर बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके संघर्ष, त्याग तथा जनजातीय समाज के उत्थान में दिए गए योगदान को स्मरण किया।
लोक भवन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के उत्थान, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और अस्मिता की रक्षा के लिए संगठित किया। उनका अदम्य साहस, त्याग और संघर्ष आज भी समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
इसके बाद राज्यपाल बिरसा चौक पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की अद्वितीय गाथा है। उन्होंने जनजातीय समाज में आत्मसम्मान, स्वाभिमान और जागरूकता का संचार करते हुए राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना की मिसाल प्रस्तुत की।
राज्यपाल ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवनकाल में जिस साहस और दृढ़ता के साथ अन्याय तथा शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई, वह भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उनके नेतृत्व में चले आंदोलनों ने न केवल आदिवासी समाज को नई दिशा दी, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना को भी मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श, विचार और जीवन-मूल्य आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को समाज के वंचित, कमजोर और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। साथ ही राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें यह संदेश देता है कि समाज और देश के प्रति समर्पण, आत्मसम्मान तथा न्याय के लिए संघर्ष ही सच्ची राष्ट्रसेवा का मार्ग है। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेना भी है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर कोकर, रांची स्थित उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने बिरसा चौक, रांची स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कोटि-कोटि नमन करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का त्याग, संघर्ष एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जनजातीय समाज के स्वाभिमान, सामाजिक जागरूकता तथा राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा प्रदान की। उनके आदर्श एवं विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि है। लगभग सवा सौ साल के लम्बे वक़्त में भी आज पूरे देश में आदिवासी समुदाय सहित हर वर्ग के बीच उनको याद किया जा रहा है। निश्चित रूप से ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व को सम्मान के साथ याद किया जाना बहुत ही महत्वपूर्ण बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, आदर्श एवं दिखाए रास्ते हमें सदैव प्रेरित करेंगे। उन्होंने जो इतिहास रचा है उसे लोग सदियों तक याद रखेंगे। आज भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि है, हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हम सभी लोग उन्हें स्मरण कर उनकी समाधि स्थल पर शीश झुकाने आए हैं, आगे भी आते रहेंगे।
इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दी श्रद्धांजलि
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जार अपने संदेश में भगवान बिरसा मुंडा को महान स्वतंत्रता सेनानी, आदिवासी संस्कृति और अस्मिता के रक्षक के रूप में याद किया।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पश्चिमी सिंहभूम: श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता के साथ मनाई धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि

पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू-मेघाहातुबुरु क्षेत्र में मंगलवार को धरती आबा बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता के साथ मनाई गई। आदिवासी कल्याण केंद्र किरीबुरू-मेघाहातुबुरु-प्रॉस्पेक्टिंग एवं आदिवासी सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर महान जननायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और प्रार्थना गीतों के साथ हुई। समाज के दियूरी पांडू कोंगाड़ी, जयराम पाट पिंगुआ, धनुर्जय लागुरी, लोदरो स्वासी और बुद्धआ कोंगाड़ी ने सामूहिक रूप से पूजा संपन्न कर समाज की सुख-समृद्धि और एकता की कामना की। पारंपरिक अनुष्ठान के बाद उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके संघर्षों और बलिदान को स्मरण किया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक हैं। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी समाज को संगठित किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक “उलगुलान” आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके संघर्ष ने शोषण और अन्याय के खिलाफ जनचेतना की ऐसी अलख जगाई, जिसकी गूंज आज भी समाज में सुनाई देती है।
इस अवसर पर किरीबुरू के सीजीएम पी.एम. शिरपुरकर, मेघाहातुबुरु के प्रभारी महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह, किरीबुरू एसडीपीओ विनीत कुमार किंडो, थाना प्रभारी रोहित कुमार, मुखिया पार्वती कीड़ो, मुखिया प्रफ्फुलित ग्लोरिया टोपनो, मुखिया लिपि मुंडा, मजदूर नेता अफताब आलम समेत कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, सेल अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रोयाराम चांपिया, अमर सिंह सुंडी, गोपी लागुरी, बीर सिंह मुंडा, श्याम बिरुआ, सर्गेया अंगारिया, बलभद्र बिरूली, कन्हाई बिरुआ, बीरबल गुड़िया, एस. होरो, संदीप तीयू, माधव चंद्र कोड़ा, आर.के. सिंकू, दामोदर बारी, दशरथ लागुरी, बिलाइची पूर्ति, गीता लागुरी, बसंती हेंब्रम, नीतिमा पूर्ति, मीनाक्षी और राजेश मुंडा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर धरती आबा को नमन किया।
सभा में वक्ताओं ने युवाओं से बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने और समाज के विकास, शिक्षा तथा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मात्र 25 वर्ष की आयु में बिरसा मुंडा ने जो चेतना जगाई, वह आज भी देशभर के आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन भी है।

पूर्वी सिंहभूम में श्रद्धांजलि सभा
पूर्वी सिंहभूम । सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुईयाडीह बिरसा मुंडा चौक स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुईयां सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां के साथ निमाई मंडल, कुंज बिभार, मन्नू मंडल, कमल राम यादव, बाबू दुर्गे, गौरी साहू, विशाल नायक भुईयां, सदानन्द टोप्पो, सुखरा भुईयां, सुबल प्रमाणिक सहित अनेक लोग और उनके शुभचिंतक उपस्थित रहे। सभी ने धरती आबा के बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में दुलाल भुईयां ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल आदिवासी समाज के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया और समाज को आत्मसम्मान तथा अधिकारों के लिए लड़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, संघर्ष और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। आज की युवा पीढ़ी को उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि धरती आबा ने शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को एक नई दिशा दी थी। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनके बताए रास्ते पर चलते हुए सामाजिक समरसता, भाईचारे और जनकल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। दुलाल भुईयां ने कहा कि बिरसा मुंडा का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और उनके सपनों के अनुरूप समाज निर्माण का संकल्प लिया।
पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने दी श्रद्धांजलि

खूंटी – तोरपा के हिल चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर तोरपा के पूर्व विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कोचे मुंडा नेभगवान बिरसा मुंडा को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों के प्रतीक हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन और शोषण के विरुद्ध संघर्ष कर समाज में नई चेतना का संचार किया। उनका जीवन त्याग, साहस और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के विचार और आदर्श वर्तमान पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। समाज को उनके संघर्षों और बलिदान से सीख लेकर शिक्षा, एकता और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया तथा उनके सपनों के अनुरूप समाज निर्माण का संकल्प लिया। मौके पर दीपक तिग्गा सहित कई लोग मौजूद थे।
