बोकारो, 25 जुलाई। बोकारो इस्पात संयंत्र के एसएमएस-2 विभाग में कार्यरत सुभाष चंद्र मोदी की मौत के बाद आश्रित को नौकरी और न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने भूख हड़ताल पर बैठी मृतक कर्मी की पत्नी और बेटी से मुलाकात कर बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो एनडीए गठबंधन बड़ा आंदोलन करेगा।
पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि बीएसएल प्रबंधन की लापरवाही और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण पिछले 8 दिनों से मृत कर्मचारी का शव बीजीएच में पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार, बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की मानवीय संवेदनाएं समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में हुई मौत के मामलों में आश्रित को स्थायी नौकरी देने का प्रावधान है, इसके बावजूद परिवार को न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल को प्लांट में कार्य के दौरान सुभाष चंद्र मोदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पहले उनका इलाज बीजीएच में हुआ, फिर उन्हें कोलकाता के अपोलो अस्पताल भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में सुधार होने के बावजूद अधिक खर्च का हवाला देकर उन्हें वापस बीजीएच बुला लिया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर 15 जुलाई को रांची के मेडिका अस्पताल रेफर किया गया, जहां 17 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद से परिजन आश्रित को नौकरी और पूरे मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
