कोलकाता, 10 सितंबर ।हिंदी पखवाड़ा की पूर्व संध्या पर समर्पण ट्रस्ट, कोलकाता की ओर से रा 13 सितंबर (शनिवार) को “राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बहुभाषिकता और हिंदी: संभावनाएं व कार्यान्वयन” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी अपराह्न 3:30 बजे आईसीसीआर सभागार, कोलकाता में होगी।
बाबा साहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की कुलपति प्रो. सोमा बंद्योपाध्याय इस संगोष्ठी की मुख्य वक्ता होंगी। प्रख्यात शिक्षाविद् एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति प्रो. राममोहन पाठक बीज वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे।
ट्रस्ट के अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसे राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित करना है। संगोष्ठी में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बहुभाषिकता और हिंदी भाषा के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
ट्रस्ट के महासचिव प्रदीप ढेडिया ने कहा कि इस आयोजन में कोलकाता के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी भाग लेंगे। विशेष रूप से उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार अथवा सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
इस अवसर पर “समर्पण साहित्य सेवा सम्मान – 2025” प्रख्यात हिंदीसेवी, शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रो. राममोहन पाठक को और “समर्पण शिक्षा सेवा सम्मान – 2025” हेरिटेज ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स, कोलकाता के सीईओ प्रदीप कुमार अग्रवाल को प्रदान किया जाएगा।
समर्पण ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से हिंदी विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन करता रहा है। इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह न केवल भाषाई विमर्श बल्कि भारत की विविधतापूर्ण भाषायी संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी एक प्रयास है।
