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कानपुर, 27 नवंबर। देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान के सी थ्री हब ने इसको लेकर भारतीय सेना के मुख्यालय सेंट्रल कमांड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत सेना की यूनिट्स और फॉर्मेशन्स के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरु किया जाएगा।

बताते चलें कि आईआईटी कानपुर का सी ​थ्री हब प्रमुख साइबर सुरक्षा अनुसंधान और नवाचार केन्द्र है। एमओयू के तहत कार्यक्रम में दो से तीन महीने के विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं। इसका उद्देश्य सेना के जवानों में आधुनिक साइबर खतरों की समझ को बढ़ाना, साइबर हमलों से निपटने की क्षमता विकसित करना और डिजिटल क्षेत्र में संचालन संबंधी तैयारी को और मजबूत बनाना है।

इस सहयोग के माध्यम से साइबर सुरक्षा तकनीकों को सेना के औपचारिक प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा, जिससे सेंट्रल कमांड के पूरे क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में सेना की ओर से मुख्यालय सेंट्रल कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा और सी थ्री हब के प्रोगाम डायरेक्टर प्रो. सोमित्र सनाध्या उपस्थित रहे। दस्तावेज पर सी थ्री हब की सीईओ डॉ. तनीमा हाजरा ने भी संस्थान की ओर से हस्ताक्षर किए।

प्रो. सोमित्र सनाध्या ने इस अवसर पर कहा कि यह सहयोग सी थ्री हब के मिशन को मजबूत करता है, जिसके तहत उन्नत साइबर शोध को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कौशलों में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेना को डिजिटल युद्ध के क्षेत्र में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और प्रशिक्षण प्रदान करना हमारे लिए गर्व की बात है।

यह साझेदारी डिजिटल रक्षा को नई दिशा प्रदान करती है और यह दर्शाती है कि भारतीय सेना आधुनिक सूचना युद्ध के दौर में हमेशा एक कदम आगे रहने के लिए प्रतिबद्ध है।