पूर्वी सिंहभूम, 01 नवंबर ।एमजीएम अस्पताल सहित झारखंड के प्रमुख सरकारी अस्पतालों से होमगार्ड जवानों को हटाकर उनकी जगह पूर्व सैनिकों की तैनाती करने के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के फैसले के खिलाफ होमगार्ड जवानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस निर्णय के विरोध में रविवार को झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले साकची स्थित आमबगान मैदान में आमसभा आयोजित कर सरकार के प्रति आक्रोश जताया गया। सभा में बड़ी संख्या में शामिल जवानों ने फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि सरकार ने निर्णय नहीं बदला तो संगठन सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करेगा।
आमसभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का यह निर्णय होमगार्ड जवानों के साथ अन्याय है। जवान वर्षों से सरकारी अस्पतालों में पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद उन्हें अचानक हटाने की योजना बनाना उनके रोजगार और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि अधिकांश होमगार्ड जवान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उन्हें सेवा से हटाए जाने पर उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
राजीव तिवारी ने कहा कि होमगार्ड जवानों की तैनाती को लेकर सरकार के साथ पूर्व में समझौता भी हुआ है। ऐसे में वर्षों से सेवा दे रहे जवानों को हटाने का फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
सभा की अध्यक्षता जमशेदपुर जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा सिंह ने की, जबकि संचालन कोल्हान सचिव विनय सिंह ने किया। हरे कृष्णा सिंह ने कहा कि एमजीएम अस्पताल से जवानों को हटाने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो एसोसिएशन कानूनी लड़ाई के साथ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।
सभा में चाईबासा जिला अध्यक्ष चरण चातर, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति और जमशेदपुर जिला महिला प्रतिनिधि रामेश्वरी कालिंदी सहित सैकड़ों जवान उपस्थित थे।
