कोलकाता, 01 नवंबर । हुगली जिले के सिंगुर में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर लगा है। इस घटना में कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में सिंगुर के वरिष्ठ तृणमूल नेता दुखीराम दास भी शामिल हैं। मारपीट में उनका सिर फट गया। हालांकि, भाजपा ने हमले में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। पार्टी ने इसे तृणमूल कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का परिणाम बताया है।
सिंगुर पंचायत समिति के पूर्व लोक निर्माण कार्याध्यक्ष दुखीराम दास ने बताया कि शनिवार शाम को पार्टी की बैठक समाप्त होने के बाद वह कुछ अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सिंगुर ब्लॉक तृणमूल कार्यालय में बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग भाजपा का उत्तरीय पहनकर और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए पार्टी कार्यालय में घुस आए।कार्यालय में घुसने के बाद उन लोगों ने पूर्व मंत्री बेचाराम मन्ना के बारे में पूछताछ की। जब उन्हें बताया गया कि बेचाराम मन्ना कार्यालय में नहीं आते हैं, तो आरोपितों ने अचानक वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने किसी को नहीं बख्शा। लोगों के साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। इसके बाद पार्टी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। दुखीराम दास ने कहा कि इस घटना में लगभग सभी लोग घायल हुए हैं और मारपीट के दौरान उनका सिर भी फट गया।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि भाजपा अलोकतांत्रिक तरीके से कोई काम नहीं करती। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तृणमूल कांग्रेस के नेता अपने पार्टी कार्यालय में बैठकर बैठक कर रहे थे, तो वहां भाजपा के कार्यकर्ता हमला करने क्यों जाएंगे?
संजय पांडे ने दावा किया कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस के ममता समर्थक नेताओं के बीच आपसी गुटबाजी का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से भाजपा का कोई संबंध नहीं है।
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लिखित शिकायत मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
