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कोलकाता,10  सितंबर। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिसनर्स ने आयकर रिटर्न  और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथियों में विस्तार की मांग की है। फेडरेशन के अध्यक्ष एडवोकेट समीर जानी ने जानकारी दी कि सोमवार शाम केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नई दिल्ली के अध्यक्ष को इस संबंध में ज्ञापन भेजा गया है।

एआईएफटीपी की प्रत्यक्ष कर प्रतिनिधित्व समिति के अध्यक्ष एडवोकेट नारायण जैन ने बताया कि कई राज्य बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में गैर-ऑडिट मामलों में आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर से बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2025 की जानी चाहिए। इसी तरह टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 और ऑडिट मामलों में रिटर्न दाखिल करने की तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 की जानी चाहिए।

ज्ञापन में विभिन्न कारणों का हवाला दिया गया है, जिनमेंआईटीआर फॉर्म 1 से 5 जारी करने में देरी, आयकर पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें, फॉर्म 26AS, AIS और टीआईएस  में विसंगतियां, बार-बार टाइमआउट की समस्या और उपयोगिता संगतता के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, क्रिसमस, नव वर्ष और अन्य त्योहारों के दौरान करदाताओं और पेशेवरों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

जैन ने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया  ने गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं के वित्तीय विवरण में नया प्रारूप लागू किया है, जिसमें बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाते को ऊर्ध्वाधर लेआउट में प्रस्तुत करने, तुलनात्मक आंकड़े जोड़ने तथा विस्तृत खुलासे करने की अनिवार्यता है। इन बदलावों को लागू करने में समय लगता है, जिससे समय पर आईटीआर  और ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करना मुश्किल हो रहा है।