ओंकार समाचार
रांची, 28 जुलाई। झारखंड में माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 16 शीर्ष माओवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वालों के पास से 11 हथियार और 1,562 गोलियां बरामद की गई हैं। इनमें कई इनामी माओवादी और संगठन के सक्रिय कमांडर शामिल हैं, जो लंबे समय से विभिन्न नक्सली घटनाओं में वांछित थे।
पुलिस का कहना है कि सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस, कोबरा और झारखंड जगुआर द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान तथा राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का यह सकारात्मक परिणाम है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में गिरफ्तारी, मुठभेड़ और लगातार सरेंडर की वजह से माओवादी संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस कार्रवाई से संगठन का नेटवर्क कमजोर हुआ है और शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है।
इस मौके पर डीजीपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में और भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करेंगे और राज्य में शांति एवं विकास की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
