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कोलकाता, 24 सितंबर। युवा तृणमूल कांग्रेस के खाते में अवैध वसूली के करोड़ों रुपये जमा होने का सनसनीखेज दावा सामने आया है। पुलिस की जांच के अनुसार, पार्टी इकाई के बैंक खाते में कुल 77 करोड़ रुपये जमा थे, जिसमें से 33 करोड़ रुपये ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ नामक कंपनी को ट्रांसफर किए गए। यह कंपनी ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की है। इस बहुचर्चित वसूली मामले में गिरफ्तार विधाननगर के पूर्व मेयर-इन-काउंसिल देवराज चक्रवर्ती के खिलाफ अब बारासात अदालत में आरोप तय कर दिए गए हैं।

देवराज चक्रवर्ती के खिलाफ सिंडिकेट अपराध और प्रमोटरों से अवैध वसूली सहित कई गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, नए आपराधिक कानून में सिंडिकेट अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत देवराज पर यह कार्रवाई की गई है और इस विशेष धारा के तहत आरोप तय होने का यह संभवतः पहला मामला है। जांच एजेंसी ने पुख्ता सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की है, और अगले सप्ताह से इस मामले में अदालत में गवाहों के बयान दर्ज करने की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

वसूली के आरोप में गिरफ्तार पूर्व पार्षद देवराज चक्रवर्ती को तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है। पुलिस की चार्जशीट में किए गए दावों के अनुसार, युवा तृणमूल के खाते में मौजूद 77 करोड़ रुपये में से साढ़े दस करोड़ रुपये सीधे तौर पर देवराज के थे। मामले में सबसे अहम बिंदु 33 करोड़ रुपये का ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ को किया गया ट्रांसफर है।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले खुद अभिषेक बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की थी कि वह इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच, महज कुछ ही वर्षों के अंतराल में देवराज की पत्नी और पूर्व विधायक अदिति मुंशी ने 25 नई संपत्तियां अर्जित कीं, जिनकी अनुमानित कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी गई है।

इन खुलासों के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का हर आम नागरिक और एक स्कूली बच्चा भी जानता है कि यह पैसा आखिर कहां गया। उन्होंने दावा किया कि पहली बार पूछताछ के बाद घबराए हुए देवराज ने अपने एक करीबी पार्षद से कहा था कि उसने अपनी मर्जी से कुछ नहीं किया, बल्कि जो भी किया ‘दादा’ के निर्देश पर किया है। भाजपा नेता ने सीधा आरोप लगाया कि ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी का गठन ही मुख्य रूप से वसूली का काला धन ठिकाने लगाने के उद्देश्य से किया गया था।