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पूर्वी सिंहभूम, 13 मई। झारखंड की राजनीति में अपनी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए अलग पहचान रखने वाले गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह के निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके निधन को जनसरोकारों की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

बुधवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि माधव लाल सिंह जैसा व्यक्तित्व विरले ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक गोमिया क्षेत्र की जनता के बीच रहकर काम करते रहे और उग्रवाद प्रभावित इलाकों में भी रात-रात भर पैदल चलकर ग्रामीणों और आदिवासियों की समस्याएं सुनते थे। सरयू राय ने कहा कि उन्होंने माधव लाल सिंह को बेहद करीब से देखा है और उनके जैसा निस्वार्थ तथा संघर्षशील जननेता दूसरा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि माधव लाल सिंह ने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति की और किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया। यही कारण था कि गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज उन्हें अपना नेता मानता था। वे सत्ता या पद के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज उठाने के लिए राजनीति करते थे। उनका जीवन बेहद सादा था और वे हमेशा आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करते रहे।

पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने भी माधव लाल सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है जिसने पूरी जिंदगी गरीबों, वंचितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। दुलाल भुईयां ने कहा कि माधव लाल सिंह का राजनीतिक जीवन नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।