पलामू, 12 जुलाई । जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के करमा गांव में 29 अप्रैल 2026 को हुई राजमणी पाठक की हत्या मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस अनुसंधान में यह बात सामने आई थी कि राजमणी पाठक की टांगी से वार कर हत्या की गई, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली मारने की पुष्टि हुई है।
परिजनों के अनुसार राजमणी पाठक की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 9 मई को राजमणी पाठक की हत्या के आरोप में वीरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था और उसे जेल भेज दिया था।
पुलिस ने मीडिया को बताया था कि राजमणी पाठक की टांगी से वार कर हत्या की गई है। जमीन के विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार राजमणी पाठक के सिर में गोली लगी है। सिर में गोली के जख्म और बारूद के अंश मिले हैं।
राजमणी पाठक हत्याकांड में उनकी पत्नी पूनम देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें चंद्रपुर गांव के संजय सिंह और अंदुल सिंह नामक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया था। घर से बाहर बुलाकर हत्या की गई थी।
मृतक के बेटे भावेश पाठक ने रविवार को बताया कि पुलिस अनुसंधान में कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने की बात बताई गई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की बात बताई गई है। पुलिस की जांच रिपोर्ट में विरोधाभास है। सही और ठोस जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पिपराटांड़ के थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने कहा कि अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई थी और उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में टांगी से हत्याकांड को अंजाम देने की बात बताई थी। उसकी निशानदेही पर टांगी को भी बरामद किया गया था।
वहीं मामले को लेकर राजमणी पाठक के परिजन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेंगे। परिजनों ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से भी मुलाकात कर मामले में जांच कराने का आग्रह किया है।
