जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा

रांची में 96 केंद्र, अन्य जिलों में भी सख्त निगरानी; दो पालियों में परीक्षा संपन्न

रांची, 19 अप्रैल। झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा-2025 रविवार को राज्यभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई। परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई और प्रशासन ने इसे निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए।

रांची में 96 केंद्रों पर सख्ती, निषेधाज्ञा लागू

राजधानी रांची में कुल 96 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दूसरी पाली की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 से 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।

अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले सघन जांच से गुजरना पड़ा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। प्रमुख केंद्रों में सेंट पॉल कॉलेज, सेंट जेवियर्स कॉलेज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, सरला बिरला पब्लिक स्कूल और डीएवी पब्लिक स्कूल सहित कई संस्थान शामिल रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, फ्लाइंग स्क्वायड और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हुई।

जमशेदपुर में 60 केंद्रों पर 26 हजार से अधिक अभ्यर्थी

पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में 60 परीक्षा केंद्रों पर करीब 26,560 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यहां परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और जैमर के माध्यम से निगरानी की गई।

प्रत्येक 12 अभ्यर्थियों पर एक वीक्षक की नियुक्ति की गई थी। तीन चरणों में जांच, मेटल डिटेक्टर और सख्त प्रवेश व्यवस्था के चलते परीक्षा पूरी तरह कदाचारमुक्त रही। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था भी सुगम रखी, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

चाईबासा में 27 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

पश्चिमी सिंहभूम जिले में 27 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई, जिनमें चाईबासा अनुमंडल में 18 और चक्रधरपुर में 9 केंद्र शामिल थे। हर केंद्र पर नोडल पदाधिकारी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई।

उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के नेतृत्व में पूरे दिन निगरानी की गई। सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई।

देवघर में केंद्रों पर उमड़ी भीड़, सख्ती के बीच परीक्षा

देवघर में भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। आर. मित्रा स्कूल सहित कई केंद्रों पर सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भीड़ रही, जबकि अंदर शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा आयोजित की गई। प्रशासन ने नकल रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की।

निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर

पूरे राज्य में परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सीसीटीवी निगरानी और जैमर के उपयोग से कदाचार पर प्रभावी रोक लगाई गई।

यह परीक्षा राज्य में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सख्त व्यवस्था और सतर्क निगरानी के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।