ओंकार

रिहा हुए दो साथी, लेकिन अब भी जेल में हैं हुलास महतो; पत्नी, मां और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

गिरिडीह, 25 जून।  बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर दुबई गए गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधपानियां गांव निवासी 40 वर्षीय हुलास महतो पिछले लगभग एक महीने से अबू धाबी की जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई नहीं होने से परिवार गहरे संकट और चिंता में डूबा हुआ है। परिजन लगातार प्रशासन, सरकार और संबंधित एजेंसियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं ताकि हुलास महतो की जल्द रिहाई हो सके और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।

मिली जानकारी के अनुसार, दूधपानियां निवासी स्वर्गीय परमेश्वर महतो के पुत्र हुलास महतो 11 मार्च 2026 को दुबई स्थित एनसीसी कंपनी में काम करने के लिए गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और घर की परेशानियां दूर होंगी। लेकिन यह सपना अचानक उस समय संकट में बदल गया जब 28 मई 2026 को दुबई पुलिस ने हुलास महतो को गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के बनपुरा निवासी बलदेव सिंह तथा एक तमिल युवक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

परिजनों के अनुसार, गिरफ्तारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है। हालांकि हुलास महतो के साथ गिरफ्तार किए गए बलदेव सिंह और तमिल युवक को 11 जून 2026 को रिहा कर मुंबई भेज दिया गया था, जिसके बाद दोनों अपने-अपने घर सुरक्षित लौट आए। लेकिन हुलास महतो की रिहाई अब तक नहीं हो सकी है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

हुलास महतो के घर में उनकी विकलांग पत्नी धानेश्वरी देवी, वृद्ध मां डीलेश्वरी देवी, पुत्र इंद्र कुमार और पुत्री बेबी कुमारी हैं। परिवार के मुखिया के विदेश में जेल में बंद होने की खबर के बाद से घर का माहौल पूरी तरह से गमगीन है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बच्चे भी अपने पिता की सलामती को लेकर परेशान हैं। परिवार को न तो हुलास महतो की स्थिति की पूरी जानकारी मिल पा रही है और न ही उनकी रिहाई को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन।

परिजनों ने विभिन्न अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर मदद मांगी  है। इसी बीच प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सिकंदर अली हुलास महतो के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर इसे राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ भारतीय दूतावास तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

सिकंदर अली ने कहा कि विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर हुलास महतो की कानूनी स्थिति की जानकारी प्राप्त करने तथा उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं हुलास महतो के परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास से अपील करते हुए कहा है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए, ताकि हुलास महतो को न्याय मिल सके और वे सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट सकें। परिवार को अब सरकार और प्रशासन से ही उम्मीद है कि उनके घर का चिराग जल्द वापस लौटेगा।