10 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
रांची, 12 फरवरी। अबुआ अधिकार मंच ने डोरंडा महाविद्यालय, रांची में छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए अविलंब कार्रवाई की मांग की है। मंच के डोरंडा महाविद्यालय इकाई के महासचिव दिवाकर कुमार प्रजापति के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
दिवाकर कुमार प्रजापति ने कहा कि लंबे समय से छात्रों द्वारा उठाए जा रहे बुनियादी मुद्दों की अनदेखी प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर को समतल कर स्थायी मंच निर्माण की मांग कई महीनों से की जा रही है, लेकिन आश्वासन के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। साथ ही महाविद्यालय में एनसीसी इकाई के गठन की मांग भी की गई, जिससे छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति की भावना का विकास हो सके, परंतु इस दिशा में भी कोई पहल नहीं की गई है।
मंच की सदस्य सबिता बखला ने सभी विभागों के प्रथम सेमेस्टर छात्रों की मिड-सेम परीक्षा शीघ्र आयोजित कराने की मांग रखी, ताकि समय पर विश्वविद्यालय को अंक प्रेषित किए जा सकें और छात्रों की परीक्षाएं प्रभावित न हों। महिला नेत्री अंजना लिंडा ने निर्माणाधीन नए भवन का कार्य धीमी गति से चलने पर चिंता जताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की। उनका कहना था कि भवन निर्माण में देरी से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
अजीत उरांव ने परिसर में सुव्यवस्थित कैंटीन की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इस संबंध में दिया गया पूर्व आवेदन भी अनदेखा कर दिया गया है। वहीं आदित्य राज ने सत्र 2024-28 के छात्रों को अब तक पहचान पत्र (आई-कार्ड) उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा उठाते हुए इसे तत्काल जारी करने की मांग की।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि अबुआ अधिकार मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर छात्रहित से जुड़े इन सभी मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मंच आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अंजना लिंडा, अजीत उरांव, शैलेश एक्का, सबिता, परवीन, प्रीति बारला, आदित्य राज सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
