पूर्वी सिंहभूम, 27 जुलाई । मानगो नगर निगम की कार्यशैली को लेकर सोमवार को राजनीति उस समय गरमा गई, जब जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय एनडीए के घटक दलों और कार्यकर्ताओं के साथ नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान विधायक ने नगर निगम पर जनहित की अनदेखी, विकास योजनाओं में बाधा और भुगतान के नाम पर कथित कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। इसी बीच मेयर सुधा गुप्ता के धरना स्थल पर पहुंचने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया, जबकि मेयर के खिलाफ नारेबाजी भी होती रही। मेयर ने धरना स्थल पर मौजूद लोगों के लिए पानी की बोतलों की व्यवस्था कर राजनीतिक शालीनता का परिचय दिया।
वहीं धरने को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि मानगो में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई इलाकों में लोगों को मात्र 10 से 15 मिनट पानी मिल रहा है, जबकि कुछ मोहल्लों में दो-तीन दिन के अंतराल पर जलापूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है।
नगर निगम केवल कूड़ा उठाने तक सीमित है, जबकि उसके वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा।
विधायक ने आरोप लगाया कि नगर निगम जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक हितों का केंद्र बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए एक ठेकेदार के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि भुगतान के लिए पार्षद की ओर से दो प्रतिशत और मेयर स्तर पर अलग से कमीशन मांगने की बातें सामने आई हैं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि भुगतान में कमीशनखोरी होगी तो विकास कार्य प्रभावित होना तय है।
सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी कई विकास योजनाओं को जानबूझकर लंबित रखा गया है और उपायुक्त के निर्देशों के बावजूद नगर निगम ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने नगर आयुक्त पर पत्रों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि पार्षदों की लगातार उपेक्षा होती रही तो नगर पालिका अधिनियम के तहत मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार भी उनके पास है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और जनसमस्याओं की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
