कोलकाता, 06 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार सुबह समाज माध्यम पर विश्वविख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. मेघनाद साहा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. साहा के वैज्ञानिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
डॉ. मेघनाद साहा का जन्म छह अक्टूबर 1893 को तत्कालीन ढाका के निकट शिओरताली गांव में हुआ था। वे भारत के प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और खगोल भौतिक विज्ञानी थे। तारों की भौतिक एवं रासायनिक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण माने जाने वाले ‘साहा समीकरण’ के प्रतिपादन के लिए उन्हें विश्वभर में पहचान मिली।
डॉ. साहा ने ढाका कॉलेजिएट स्कूल और ढाका कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में अध्ययन किया। बाद में वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे और जीवन के अंतिम वर्षों में कलकत्ता विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में प्राध्यापक एवं डीन के रूप में कार्य किया। वर्ष 1927 में उन्हें रॉयल सोसायटी का फेलो चुना गया था।
देश के वैज्ञानिक विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान तथा इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साइंस जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संस्थाओं की स्थापना में भूमिका निभाई। उनकी अध्यक्षता में गठित समिति ने भारत के राष्ट्रीय शक पंचांग के संशोधन का कार्य भी किया।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में भी डॉ. साहा सक्रिय रहे थे। बंगाल विभाजन के विरोध में उन्होंने छात्र जीवन में अंग्रेज अधिकारियों के बहिष्कार में भाग लिया था। उनका संपर्क स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख नेताओं और संगठनों से भी रहा।
डॉ. मेघनाद साहा का निधन 16 फरवरी 1956 को नई दिल्ली में हुआ था। वैज्ञानिक क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी देश और दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है।
