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पश्चिम बर्दवान, 28 जुलाई । पश्चिम बंगाल से स्वेच्छा से दान किए गए रक्त और प्लाज्मा को दूसरे राज्यों में अवैध रूप से भेजे जाने के आरोपों के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को व्यापक जांच अभियान शुरू किया। कोलकाता, नदिया, दुर्गापुर सहित राज्य के कई जिलों के अस्पतालों और निजी ब्लड बैंकों में एक साथ छापेमारी की गई।

आरोप है कि रक्तदान शिविरों में एकत्र किए गए रक्त और प्लाज्मा का एक हिस्सा करोड़ों रुपये के बदले राज्य के बाहर भेजा जा रहा है। इन आरोपों की सत्यता की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पतालों और ब्लड बैंकों के दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की गहन जांच कर रहे हैं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने बताया कि कई स्थानों पर एक साथ जांच अभियान चलाया जा रहा है। अस्पतालों और ब्लड बैंकों के सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं। आरोप है कि इन शिविरों में एकत्र किए गए रक्त और प्लाज्मा का कुछ हिस्सा नियमों का उल्लंघन करते हुए राज्य के बाहर भेजा जा रहा है। इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। अब तक इस प्रकरण में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही सरकार की ओर से जांच की अंतिम रिपोर्ट जारी की गई है। जांच की प्रगति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।