कोलकाता, 28 जुलाई । पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए पिछले तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान नियुक्त तीनों नामित सदस्यों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
जलागांव मेडिकल काउंसिल से हटाए गए सदस्यों में डॉ. निर्मल माझी, डॉ. सौरव पाल और डॉ. असिम कुमार सरकार शामिल हैं। डॉ. माझी विशेष रूप से चर्चित रहे थे, जो पिछली ममता बनर्जी सरकार में मंत्री होने के साथ-साथ तीन बार के विधायक थे।
नए नियुक्तियों में डॉ. प्राणत टुडू को शामिल किया गया है, जो पहली बार के भाजपा विधायक हैं और जनजातीय बहुल झाड़ग्राम जिले की बिनपुर सीट से विधायक हैं। उन्होंने पिछली सरकार में वन मंत्री रहीं बिरबाहा हंसदा को लगभग 23 हजार वोटों के अंतर से हराया था। अन्य दो नए नामित सदस्यों में डॉ. कल्याण आशीष मुखर्जी और डॉ. मृण्मय अधिकारी शामिल हैं।
यह फेरबदल पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद का पहला बड़ा प्रशासनिक कदम है। विपक्ष ने 2022 के काउंसिल चुनावों में भारी धांधली के आरोप लगाए थे, जिसमें डॉ. माझी का नाम मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आया था।
पिछले शासन के दौरान काउंसिल और विशेष रूप से डॉ. माझी कई विवादों में फंसे थे। 2024 अगस्त के आर.जी. कर बलात्कार-हत्या मामले में काउंसिल की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। डॉ. माझी पर अपने रिश्तेदार के पालतू कुत्ते की डायलिसिस के लिए मेडिकल कॉलेज में विशेष व्यवस्था करने का आरोप लगा था।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान काउंसिल का कार्यकाल अभी शेष है, इसलिए नए चुनाव की संभावना कम है। इसलिए मौजूदा ढांचे में ही फेरबदल के जरिए बदलाव किए जा रहे हैं। अधिसूचना के अनुसार, तीनों नए नामित सदस्य जल्द ही काउंसिल में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
