सिलीगुड़ी, 03 अक्टूबर । सिलीगुड़ी टी ऑक्शन कमेटी (एसटीएसी) के स्वर्ण जयंती समारोह में शनिवार को दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने चाय उद्योग के विकास, आधुनिकीकरण और चाय श्रमिकों के कल्याण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1976 में स्थापित एसटीएसी ने उत्तर बंगाल की चाय अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह चाय उत्पादकों तथा बाजार के बीच एक अहम कड़ी है।
राजू बिष्ट ने कहा कि चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डूआर्स क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ी है। उन्होंने चाय नीलामी व्यवस्था को आधुनिक बनाने, तकनीक को बढ़ावा देने तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का विस्तार करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर एसटीएसी ऐप भी लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से खरीदार और विक्रेता वास्तविक समय में आसानी से संपर्क कर सकेंगे।
उन्होंने क्षेत्रीय ब्रांडिंग को मजबूत करने तथा बेहतर पैकेजिंग, नवाचार और वैल्यू-एडेड उत्पादों के जरिए चाय उद्योग को उच्च मूल्य श्रृंखला तक ले जाने की बात कही। बिष्ट ने कहा कि चाय उद्योग की पूरी व्यवस्था में श्रमिकों से लेकर नीलामीकर्ताओं, खरीदारों और सरकार तक हर कड़ी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से महिला चाय श्रमिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि मजबूत चाय उद्योग के लिए श्रमिकों की आजीविका और सम्मान भी मजबूत होना जरूरी है।
राजू बिष्ट ने प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि चाय श्रमिकों के कल्याण एवं जीवन-स्तर में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने करीब 330 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बंद चाय बागानों को फिर से खोलने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे हजारों चाय श्रमिकों तथा उनके परिवारों में नई उम्मीद जगी है।
