रांची, 24 अप्रैल । राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ चोर चोरी के इरादे से मंदिर परिसर में घुसे थे। इसी दौरान गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस को मंदिर की एक दानपेटी से पैसे चोरी होने के संकेत भी मिले हैं, जिससे वारदात के पीछे चोरी की मंशा और मजबूत होती दिख रही है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों का अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है।
मंदिर के सेवक मनोज कुमार ने बताया कि पूरे परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपितों की पहचान की जा सके। सीसीटीवी जांच में एक संदिग्ध व्यक्ति की तस्वीर भी सामने आई है, जिसे पुलिस जांच का महत्वपूर्ण आधार मान रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। मौके पर डॉग स्क्वायड टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जो विभिन्न साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
फिलहाल पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। संदिग्धों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि रांची का जगन्नाथ मंदिर शहर की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है, जो पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। यहां हर वर्ष भव्य रथ यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना की सूचना से वे स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में यह वारदात हुई है, वहां विधानसभा और उच्च न्यायालय जैसे अत्यंत संवेदनशील संस्थान स्थित हैं। ऐसे हाई सिक्योरिटी जोन में मंदिर परिसर के भीतर घुसकर हत्या हो जाना पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों के भीतर मंदिर के आसपास दो हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि रांची पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
मरांडी ने पुलिस की कार्यप्रणाली की तुलना “सांप निकल जाने के बाद लाठी पीटने” वाली स्थिति से करते हुए कहा कि पुलिस केवल घटना के बाद सक्रिय होती है, जबकि अपराध रोकने की जिम्मेदारी पहले की होती है।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की खामोशी अपराधियों और अयोग्य पुलिस अधिकारियों का मनोबल बढ़ा रही है। यदि सरकार समय रहते सख्त कदम नहीं उठाती है, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
मरांडी ने मांग की कि इस मामले में दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और एसपी व एसएसपी स्तर के अधिकारियों से जवाब लिया जाए। साथ ही अयोग्य अधिकारियों को तत्काल हटाकर पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि राजधानी में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
