डकैती कांड का खुलासा, दो महिला सहित सात गिरफ्तार

रामगढ़, 24 अप्रैल । रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो महिलाओं सहित कुल सात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटे गए 180 से अधिक आभूषण भी बरामद किए हैं।

रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरोह की गिरफ्तारी के लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान कुजू ओपी क्षेत्र के बरकट्ठी निवासी सुभानी अंसारी उर्फ ललका, नालंदा (बिहार) के सलेमपुर निवासी मनीष कुमार, उसकी पत्नी रीना देवी, नूरसराय थाना क्षेत्र के गणपुरा निवासी चंद्रावती देवी, रांची के हेसल निवासी आनंद कुमार, मुड़मा निवासी अरबाज अंसारी तथा दीपा टोली निवासी नसरुल्लाह अंसारी उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल महिलाएं लूटे गए जेवर को छिपाने का काम करती थीं। डकैती के बाद अधिकांश आरोपी फरार हो गए थे और जेवर रीना देवी व चंद्रावती देवी के पास सुरक्षित रखे गए थे। पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबिश देकर गड़े हुए आभूषण भी बरामद कर लिए।

जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ‘भारत सरकार’ लिखी अर्टिगा कार (बीआर 01 जेए 6449) का इस्तेमाल किया। वारदात को अंजाम देने के बाद वे स्कूटी और बाइक से निकलकर उक्त कार के जरिए राज्य से बाहर फरार हुए।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल, 9 एमएम की तीन जिंदा गोलियां, टीवीएस अपाचे बाइक (जेएच 24 पी 4932), होंडा शाइन (जेएच 01 ईसी 5248), एक स्कूटी (जेएच 01 ईयू 3788), एक स्मार्टफोन और अर्टिगा कार जब्त की है।

शिव शंकर ज्वेलर्स के संचालक विष्णु प्रसाद ने लगभग 1.05 करोड़ रुपये के आभूषण लूटे जाने का दावा किया था। बरामद जेवरों का मिलान दुकानदार से कराया जाएगा, जिसके बाद उनकी वास्तविक कीमत का आकलन किया जाएगा।

एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी सुभानी अंसारी उर्फ ललका का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 15 मामले दर्ज हैं।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस डकैती कांड के मास्टरमाइंड आपस में रिश्तेदार—बहन, बहनोई और साला—हैं। मुख्य साजिशकर्ता विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र, जो फिलहाल फरार है, ने अपने बहनोई मनीष कुमार की ‘भारत सरकार’ लिखी कार का इस्तेमाल कर पुलिस को भ्रमित करने की योजना बनाई थी। वारदात के बाद लूटे गए जेवर उसी कार में छिपाकर नालंदा ले जाए गए थे।

पुलिस के अनुसार, विभाष पासवान हाल ही में जेल से छूटा था और उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में करीब 25 केस दर्ज हैं। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

रामगढ़ पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण सफलता है।