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प्रपत्र बिक्री शुरू होते ही शहरी क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज

रांची, 29 जनवरी।  झारखंड में नगर निकाय चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने चुनाव संबंधी अधिसूचना प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आज से राज्य के 9 नगर निगम समेत कुल 48 नगर निकायों में उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 4 फरवरी तक चलेगी। मतदान 23 फरवरी को कराया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, सभी नगर निकायों में नामांकन प्रक्रिया जिला स्तर पर संचालित होगी। उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में नामांकन पत्र जमा करना होगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पहले ही किया जा चुका है। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इधर, चुनाव की तैयारियों के तहत प्रशासन ने मतदान केंद्रों की व्यवस्था तेज कर दी है, ताकि मतदाताओं को सुगम और शांतिपूर्ण मतदान की सुविधा मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

हालांकि, चुनाव तिथि को लेकर एक व्यावहारिक समस्या भी सामने आई है। 23 फरवरी को ही झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की इंटरमीडिएट भाषा (हिंदी) विषय की परीक्षा निर्धारित है। एक ही दिन परीक्षा और मतदान होने से छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसको लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जैक को मामले की समीक्षा कर उचित समाधान निकालने का निर्देश दिया है।

पश्चिमी सिंहभूम में प्रपत्र बिक्री शुरू, संभावित प्रत्याशियों में उत्साह

नगर निकाय चुनाव को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में भी चुनावी माहौल बनना शुरू हो गया है। गुरुवार की सुबह अनुमंडल कार्यालय परिसर में बनाए गए प्रपत्र बिक्री केंद्र से नामांकन प्रपत्रों की बिक्री शुरू हुई। सबसे पहले देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता ने प्रपत्र खरीदा। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए अनूप सुल्तानिया और सुनील प्रसाद साव ने भी प्रपत्र लिया।

प्रपत्र खरीदने के बाद मीडिया से बातचीत में देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता ने कहा कि चाईबासा शहर कई जन समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान आवश्यक है। जनता का समर्थन मिलने पर वे शहर के समग्र विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ईमानदारी से काम करेंगे।

अध्यक्ष पद के संभावित प्रत्याशी अनूप सुल्तानिया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता स्वच्छता, पेयजल, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। वहीं, सुनील प्रसाद साव ने कहा कि नगर निकाय चुनाव सीधे जनता के हित से जुड़ा है और चाईबासा की लंबित समस्याओं के समाधान को वे अपनी प्राथमिकता बनाएंगे।

प्रपत्र बिक्री शुरू होते ही शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में और भी संभावित प्रत्याशियों के प्रपत्र खरीदने की संभावना जताई जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेशवासियों से नगर निकाय चुनाव में सक्रिय भागीदारी कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की है।