हुगली, 08 सितंबर । चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर अपराध शाखा को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की उम्र 22 से 45 वर्ष के बीच बताई गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में उत्तरपाड़ा का एक युवक भी शामिल है, जिसने इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद एक नामी मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में नौकरी की थी। आरोप है कि बाद में उसने नौकरी छोड़कर साइबर ठगी के धंधे में कदम रखा। पुलिस ने आरोपितों के पास से कई डेबिट और क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, चेकबुक, बैंक पासबुक, तीन मोबाइल फोन और सात मोबाइल सिम कार्ड बरामद किए हैं।
चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (डीडी) रूपांतरण सेनगुप्ता ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के घर अलग-अलग स्थानों पर हैं। जांच के हित में फिलहाल आरोपितों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपितों में कुछ एक-दूसरे को पहले से जानते थे, जबकि कुछ के बीच पहले से कोई परिचय नहीं था। हालांकि, ठगी का तरीका लगभग एक जैसा था। आरोपित लोगों को व्हाट्सऐप या मैसेज के जरिए लिंक भेजकर ठगी करते थे। इसके अलावा, किसी प्रकार की मदद या लाभ का झांसा देकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है।
जांच में सामने आया है कि आरोपित देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को निशाना बनाकर कथित तौर पर साइबर ठगी करते थे। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद चंदननगर पुलिस के साइबर थाने ने जांच शुरू की और 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का तरीका कुछ हद तक जामताड़ा शैली के साइबर ठगी गिरोहों जैसा था और इस नेटवर्क से कई अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंका है। चूंकि गिरोह का नेटवर्क देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ बताया जा रहा है, इसलिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में समय लग सकता है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपितों ने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीसी (डीडी) ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
