पूर्वी सिंहभूम, 23 सितंबर । पूर्वी सिंहभूम जिला के मिर्जाडीह बांध से विस्थापित सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथ में तख्तियां और पोस्टर लेकर मंगलवार को डिमना क्षेत्र से पैदल मार्च करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।
मिर्जाडीह बांध विस्थापित और रैयत संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 21 गांवों के ग्राम प्रधान, मुखिया और अन्य ग्रामीण पारंपरिक हथियार लेकर डिमना चौक से जिला मुख्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए मिर्जाडीह रैयतों के घर तोड़ने वालों की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग की। उन्होंने सभी गांवों में सड़क निर्माण कराने, विस्थापितों को विस्थापन प्रमाण पत्र देने और टाटा लीज नवीकरण समिति में विस्थापित प्रतिनिधि को शामिल करने की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी और जिला प्रशासन की मिलीभगत से रैयतों के घर तोड़े गए, इससे यह प्रतीत होता है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन टाटा कंपनी के इशारों पर काम कर रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि लगातार मूलवासियों का दमन किया जा रहा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
