पूर्वी चंपारण, 15 मई । बिहार के पूर्वी चंपारण जिला से लगते रक्सौल भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और इमिग्रेशन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक सोमालियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित बिना वैध इमिग्रेशन क्लीयरेंस के नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था। जांच में सामने आया है कि वह मेडिकल वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद फर्जीवाड़ा कर भारत में अवैध रूप से रह रहा था।
गिरफ्तार विदेशी नागरिक की पहचान सोमाली रिपब्लिक निवासी महमेद अहमद फराह खदरा गेडी मोहामूद के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार वह पिछले कुछ समय से हैदराबाद के टोली चौकी इलाके में अपने अन्य सोमालियाई साथियों के साथ रह रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके भारत में रहने, संपर्कों और गतिविधियों की विस्तृत जांच में जुट गई हैं।
दरअसल, शुक्रवार को एसएसबी की बीआईटी टीम भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री पुल पर नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान नेपाल की ओर जाने की कोशिश कर रहे एक विदेशी नागरिक के हाव-भाव संदिग्ध लगे। जवानों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की।
रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में ही युवक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। इसके बाद जब उसके यात्रा दस्तावेजों और पासपोर्ट की गहन जांच की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जांच में पता चला कि आरोपित 3 दिसंबर 2025 को मेडिकल वीजा पर मुंबई एयरपोर्ट के जरिए भारत आया था। उसके पास जारी मेडिकल वीजा संख्या वीएन-2207454 की वैधता 30 अक्टूबर 2025 से 29 जनवरी 2026 तक थी। वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपित ने अपने दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर वीजा की वैधता अवधि बढ़ाकर दिखाने की कोशिश की थी। प्रारंभिक जांच में डिजिटल और दस्तावेजी स्तर पर फर्जीवाड़े के संकेत मिले हैं। मामले की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपित भारत में यूएनएचसीआर (संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त) कार्ड के सहारे रहने का प्रयास कर रहा था। हालांकि इमिग्रेशन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत यूएनएचसीआर कार्ड को वैध यात्रा दस्तावेज या वीजा का विकल्प नहीं माना जाता।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत में रहने के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य है। केवल यूएनएचसीआर कार्ड के आधार पर सीमा पार करना या भारत में अनधिकृत रूप से रहना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
तलाशी के दौरान आरोपित के पास से सोमाली रिपब्लिक का पासपोर्ट संख्या पी-01766256 बरामद किया गया। पासपोर्ट की वैधता 20 अक्टूबर 2025 से 19 अक्टूबर 2030 तक बताई गई है। हालांकि वीजा समाप्त हो जाने के बाद उसके भारत में रहने को अवैध माना गया है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि आरोपित नेपाल क्यों जाना चाहता था और क्या उसके संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या अवैध गतिविधियों से जुड़े हैं। सीमा सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही हैं।
इमिग्रेशन विभाग ने आवश्यक पूछताछ के बाद आरोपित को अग्रेतर कार्रवाई के लिए हरैया थाना पुलिस को सौंप दिया। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा इमिग्रेशन एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपित को भारत में किसने शरण दी और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे।
गौरतलब है कि रक्सौल भारत-नेपाल सीमा का अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। खुली सीमा होने के कारण यहां समय-समय पर अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीमा पार करने के प्रयास सामने आते रहते हैं। हाल के दिनों में सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर निगरानी और दस्तावेज सत्यापन अभियान को और सख्त किया है।
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