हुगली, 29 जुलाई । बंडेल में तृणमूल कांग्रेस नेता दिलीप राम हत्याकांड में चुंचुड़ा अदालत ने सात दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
चुंचुड़ा की तृतीय अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश कौस्तव मुखर्जी ने मंगलवार को सातों आरोपितों को हत्या का दोषी करार दिया था। बुधवार को उनकी सजा सुनाई गई। दोषी ठहराए गए लोगों में मोहम्मद नसीम उर्फ गुड्डू, साद्दाम हुसैन, मंगल यादव, बैजनाथ राय उर्फ हेडेक, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद सानू और मोहम्मद मानू शामिल हैं। सभी आरोपित पहले से जेल हिरासत में थे।
मामले के अनुसार, 29 जून 2019 को बंडेल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर ट्रेन पकड़ने के लिए जाते समय तृणमूल नेता दिलीप राम की बदमाशों ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय दिलीप राम की पत्नी रितु सिंह बंडेल ग्राम पंचायत की प्रधान थीं। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
सरकारी पक्ष के अधिवक्ता शंकर गांगुली ने बताया कि जांच अधिकारी प्रदीप दां ने घटना के 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान कुल 39 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि अदालत में यह साबित किया गया कि आरोपितों ने साजिश रचकर दिलीप राम की हत्या की थी।
अभियोजन के अनुसार, मामले में चार प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कथित तौर पर गोली चलाने वाले आरोपित के पास से बरामद आग्नेयास्त्र से बरामद गोली का दिलीप राम के सिर से मिली गोली से मेल खाना महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुआ।
जांच के अनुसार, बंडेल की कथित मादक पदार्थ कारोबारी समुंद्री यादव उर्फ शकुंतला देवी के साथ दिलीप राम का जमीन को लेकर विवाद था। आरोप है कि दिलीप राम को रास्ते से हटाने के लिए समुंद्री यादव ने साजिश रची और तीन लाख रुपये की सुपारी देकर बदमाशों को हत्या के लिए तैयार किया।
अभियोजन के मुताबिक, हत्या से पहले आरोपितों ने बंडेल में कई बार रेकी की थी। दिलीप राम रोजाना बंडेल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच से नैहाटी लोकल पकड़ते थे। वह नैहाटी स्थित रेलवे कार्यालय में नौकरी करते थे। घटना वाले दिन भी सुबह करीब नौ बजे ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर जाते समय रेलवे लाइन के पास उन्हें गोली मार दी गई थी।
दिलीप राम की पत्नी रितु सिंह ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि वह दोषियों को फांसी की सजा दिलाना चाहती थीं, लेकिन अदालत के फैसले से खुश हैं। उन्होंने सरकारी अधिवक्ता शंकर गांगुली द्वारा मामले की पैरवी की भी सराहना की। साथ ही उन्होंने मांग की कि इस मामले के मुख्यऔर फरार आरोपितों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार करे।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से समुंद्री यादव और उसका बेटा आजाद फरार हैं। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि दोनों फरार आरोपितों के खिलाफ भी पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
