
सिलीगुड़ी, 18 अगस्त। उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय में सातवें सेमेस्टर में दाखिले की मांग को लेकर मंगलवार को स्नातक छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-2 के सामने विभिन्न कॉलेजों से आए छात्रों ने विरोध जताते हुए मांग की कि जिन विद्यार्थियों ने छठे सेमेस्टर तक सभी विषयों में सफलता हासिल नहीं की है, उन्हें भी सातवें सेमेस्टर में दाखिला लेने का अवसर दिया जाए।
दरअसल, विश्वविद्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार छठे सेमेस्टर तक सभी विषयों में पास नहीं होने वाले विद्यार्थियों को सातवें सेमेस्टर में दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसी फैसले के विरोध में छात्र आंदोलन पर उतर आए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के दौरान स्नातक विद्यार्थियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
छात्रों का दावा है कि नए पाठ्यक्रम के अनुरूप न तो पर्याप्त शैक्षणिक व्यवस्था थी और न ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध थे। इसके कारण कई विद्यार्थी एक-दो विषयों में असफल हो गए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें सातवें सेमेस्टर में दाखिले से वंचित किया जा रहा है, जबकि राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में ऐसी समस्या का समाधान किया गया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के अधीन करीब 60 प्रतिशत छात्र सातवें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय को बंद कर आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संयुक्त रजिस्ट्रार से मुलाकात कर अपनी मांग और शिकायतें भी रखी।
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ. स्वपन रक्षित ने बताया कि छात्रों की शिकायतें सुनी गई हैं। पूरे मामले की जानकारी प्रभारी रजिस्ट्रार सहित उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई है। अब छात्रों की मांग पर विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग के स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।


















