पलामू, 23 अगस्त । भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य का कहना है किआरक्षण सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार है और इसे समाप्त करने की किसी भी कोशिश का भाकपा माले पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
दीपांकर भट्टाचार्य रविवार को भाकपा माले के वरिष्ठ नेता आर एन सिंह के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पलामू पहुंचे, वे मेदिनीनगर परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू किया गया आंदोलन अब देश के विभिन्न हिस्सों में फैल रहा है। झारखंड, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार जैसे सवालों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए छात्रों और युवाओं का संघर्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। भाकपा माले ऐसे सभी आंदोलनों के साथ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छात्र-युवा आंदोलनों को उनके मुद्दों के आधार पर देखने के बजाय राजनीतिक नजरिए से देखती है। देश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार को इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करनी होगी।
उन्होंने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा। छात्रों, युवाओं और वंचित वर्गों के सवालों को लेकर पार्टी लगातार आंदोलन करेगी।
एक सवाल के जवाब में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड हो या दिल्ली, छात्रों के आंदोलन पर दमन की नीति नहीं अपनाई जानी चाहिए। लोकतंत्र में सबको आंदोलन करने का अधिकार है। पुतला दहन के दौरान छात्रों पर किए गए हमले की उन्होंने घोर निंदा की।
मौके पर जन संस्कृति मंच के रामराज राय, डॉ. बीएन सिंह, रविंद्र भुइयां, पंकज श्रीवास्तव, सरफराज आलम और दिव्या भगत सहित अन्य लोग मौजूद थे।
