अबुआ अधिकार मंच

130 से अधिक छात्रों के एडमिट कार्ड में नाम गलत

रांची, 6फरवरी । रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत निजी परीक्षा एजेंसी एनसीसीएफ (NCCF) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सिल्ली महाविद्यालय सिल्ली एवं रांची महिला महाविद्यालय के 130 से अधिक छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में नाम गलत प्रिंट होने का मामला सामने आया है। इसको लेकर अबुआ अधिकार मंच ने कड़ा विरोध जताते हुए एनसीसीएफ को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

शुक्रवार को अबुआ अधिकार मंच का एक प्रतिनिधिमंडल मंच के कोऑर्डिनेटर ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में राजभवन सचिवालय पहुंचा और महामहिम राज्यपाल के नाम 40 पन्नों का मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत निजी परीक्षा एजेंसी एनसीसीएफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

अभिषेक शुक्ला ने कहा कि एनसीसीएफ की लापरवाह कार्यप्रणाली से छात्र-छात्राएं लगातार परेशान हैं। इसका ताजा उदाहरण सिल्ली महाविद्यालय है, जहां 81 छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में नाम गलत प्रकाशित किया गया। वहीं रांची महिला महाविद्यालय के यूजी सत्र 2022–26 के गणित एवं टीआरएल विषय के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं के नाम भी एडमिट कार्ड में त्रुटिपूर्ण रूप से छपे हैं।

उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार एनसीसीएफ द्वारा परीक्षा परिणाम और एडमिट कार्ड में गंभीर त्रुटियां की जा चुकी हैं। कई मामलों में छात्रों को परीक्षा में अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया गया, जबकि बाद में उपस्थिति पत्रक निकलवाने पर छात्र उपस्थित पाए गए।

शुक्ला ने कहा कि एनसीसीएफ की लापरवाही का सीधा और नकारात्मक प्रभाव विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अपनी त्रुटियां ठीक कराने के लिए छात्रों को बार-बार विश्वविद्यालय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

अबुआ अधिकार मंच ने महामहिम राज्यपाल से मांग की है कि रांची विश्वविद्यालय की निजी परीक्षा एजेंसी एनसीसीएफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और इस एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।

मांग पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से विशाल कुमार यादव, राहुल राज, सुदीप मिंज, अनमोल पांडेय, ऋषभ मिश्रा, अमित कुमार, नाग, बीर सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।