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कोलकाता, 04 जुलाई । पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक देह व्यापार अड्डे पर छापेमारी कर 17 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। शनिवार को इस बारे में जानकारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई बाल अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) और कोसी लोक मंच की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर की गई। दोनों संगठन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

बताया गया है कि मुक्त कराई गई लड़कियों में 13 बिहार, तीन पश्चिम बंगाल और एक असम की रहने वाली हैं। इनमें सबसे कम उम्र की बच्ची 11 वर्ष की है, जबकि अन्य की आयु 13 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। सभी लड़कियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित आश्रय गृह भेजा गया है।

पुलिस ने मानव तस्करी और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं के तहत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कुछ अन्य आरोपितों के फरार होने की बात भी कही गई है। छापेमारी के दौरान इलाके की निगरानी ड्रोन के माध्यम से भी की गई।

एवीए और कोसी लोक मंच की संयुक्त टीम ने लगभग दो महीने तक इलाके की निगरानी की थी। इसके बाद उत्तर दिनाजपुर के पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।

विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया है कि मुक्त कराई गई कुछ लड़कियों ने पुलिस को अपने शोषण की जानकारी दी है। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम है तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए।