कोलकाता, 05 नवंबर । प्रसूताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त सलाहकारों की नियुक्ति की है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में सलाहकार के रूप में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण सिंह की वापसी हुई है। उनके साथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अरूप माजी को भी राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सलाहकार नियुक्त किया है। स्वास्थ्य भवन के सूत्रों के अनुसार, मातृ मृत्यु दर को रोकने और बाल रोग चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य के स्वास्थ्य सूचकांक को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा यह अहम कदम उठाया गया है।
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बाल रोग विशेषज्ञ अरुण सिंह राज्य छोड़कर दूसरे राज्य चले गए थे। लगभग 14 साल पहले उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल से अचानक सागर दत्त मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया था। आरोप है कि बाल रोग संबंधी तत्कालीन टास्क फोर्स समिति के प्रमुख त्रिदिब बनर्जी के साथ मतभेदों के कारण अरुण सिंह को सागर दत्त अस्पताल भेजा गया था, जहां उस समय नवजात शिशुओं के इलाज के लिए कोई विभाग ही मौजूद नहीं था। तृणमूल शासन के अंतिम दौर में जनवरी 2025 में वरिष्ठ चिकित्सक ने जोधपुर एम्स से फिर से राज्य में वापसी की थी। उस समय दक्षिण 24 परगना में शिशु मृत्यु दर अधिक होने के कारण इसे कम करने के लिए उनसे सुझाव मांगे गए थे। नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए उन्होंने जन्म के एक मिनट के भीतर गर्भनाल न काटने और प्लेसेंटा के बाहर आने तक इंतजार करने की विशेष सलाह दी थी। इसके बेहद शानदार परिणाम सामने आए थे।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप कैनिंग में नवजातों को आईसीयू में भर्ती कराने की दर में उल्लेखनीय कमी आई और उनमें पीलिया व अन्य बीमारियों का प्रभाव भी घट गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के पूर्व सलाहकार इस कैनिंग मॉडल को पूरे राज्य में लागू करना चाहते थे। इसके लिए उनके कार्यकाल को छह महीने के लिए बढ़ाया भी गया था, लेकिन अंततः तत्कालीन स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा उनकी योजनाओं को पूरे राज्य में लागू करने के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण वह छत्तीसगढ़ सरकार के आमंत्रण पर वहां चले गए।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने डॉ. अरुण सिंह को वापस लाने के गंभीर प्रयास शुरू किए। गत 29 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य भवन में उनके साथ पहली अहम बैठक की थी। उसी दिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि एक बाल रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ एक पूर्व स्त्री रोग विशेषज्ञ को भी सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब अरुण सिंह के साथ अरूप माजी को सलाहकार पद पर नियुक्त करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। सलाहकार पद पर नियुक्त होने के बाद डॉ. अरुण सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि बंगाल ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत कुछ खोया है और अब वह क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम करने के प्रति पूरी तरह से आशान्वित हैं।
