मा और दो बेटों की मौत

रामगढ़, 4 सितंबर। रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के भदानीनगर ओपी क्षेत्र स्थित सुद्दी गांव के पारगढ़ा टोला में मॉं और उसके दो बेटों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।

शुक्रवार को एक मेडिकल टीम सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में  गांव में  पहुंची और स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया। टीम ने करीब 80 ग्रामीणों की मलेरिया और टाइफाइड की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जांच में  किसी भी ग्रामीण में मलेरिया या टाइफाइड के लक्षण नहीं मिले हैं।

सिविल सर्जन ने बताया कि तीन मौतों के मामले में अब तक की जांच में मलेरिया और टाइफाइड की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पारगढ़ा से करीब एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और टोलों में भी मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, सुद्दी पारगढ़ा गांव निवासी शंकर बेदिया के 15 वर्षीय बेटे किशून और 10 वर्षीय साहिल को कुछ दिनों के अंतराल में तेज बुखार आया था। परिजनों के मुताबिक, जांच के दौरान दोनों में मलेरिया और टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। बुधवार को दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। किशून की मौत हो गई, जबकि साहिल ने रामगढ़ ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।

दोनों बच्चों की मां संगीता देवी की हालत भी गंभीर होने पर उन्हें रामगढ़ सदर अस्पताल से रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया था। इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी भी मौत हो गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी तीनों मौतों की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

दोनों मृतक भाई राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय लपगा के छात्र थे। साहिल पांचवीं और किशून नौवीं कक्षा में पढ़ता था।

घटना की सूचना मिलने पर पतरातू के बीडीओ मनोज गुप्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। ग्रामीणों की जांच के अलावा पानी के नमूने भी लिए गए हैं, ताकि बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके। बीडीओ ने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

मृतकों के पिता शंकर बेदिया ओडिशा की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह गांव पहुंचे और दोनों बेटों का अंतिम संस्कार किया। एक साथ दो बेटों और पत्नी की मौत से परिवार में मातम पसरा है।

उधर, महिला के शव का रामगढ़ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।