गिरिडीह, 13 सितंबर। सात दिनों की कड़ी मशक्कत और सतत निगरानी के बाद करीब 30 हाथियों का झुंड उसरी–बराकर नदी संगम के समीप महेशपुर गांव से होते हुए गिरिडीह क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गया। वन विभाग और त्वरित कार्रवाई दल की टीम ने लगातार निगरानी करते हुए हाथियों को सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया।
अभियान के दौरान टीम ने विशेष सावधानी बरती, ताकि हाथियों के साथ-साथ किसी भी व्यक्ति, वन्यजीव अथवा पालतू पशु को नुकसान न पहुंचे। लगातार निगरानी और सावधानीपूर्वक चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया।

हालांकि, अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर हाथियों के कारण मकान और बाउंड्री क्षतिग्रस्त होने के साथ ही फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं भी मिली हैं। वन विभाग की ओर से प्रभावित ग्रामीणों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जल्द से जल्द कार्यालय में जमा करने की अपील की गई है।
सहायक वन संरक्षक एस.के. रवि ने बताया कि प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार पात्र प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समय पर शुरू की जाएगी।
