स्वर्वेद यात्रा

पूर्वी सिंहभूम, 19 मार्च। भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर पूर्वी सिंहभूम में सद्गुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान द्वारा विश्वव्यापी स्वर्वेद यात्रा के तहत भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज के सानिध्य में देशभर के सैकड़ों स्थानों पर एक साथ आयोजित की गई।

बिष्टुपुर स्थित आश्रम से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः आश्रम पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु ‘स्वर्वेद’ ग्रंथ और श्वेत ध्वज लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। समापन के बाद आश्रम परिसर में महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

‘स्वर्वेद’ का आध्यात्मिक संदेश

विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज द्वारा रचित ‘स्वर्वेद’ को आध्यात्मिक जगत का एक अद्वितीय ग्रंथ माना जाता है। यह ग्रंथ आत्मा और परमात्मा के वास्तविक ज्ञान का संदेश देता है और मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने का मार्ग दिखाता है।

चाईबासा में प्रभात फेरी से हुआ नववर्ष का स्वागत

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा शहर में हिंदू नव वर्ष के अवसर पर प्रभात फेरी निकाली गई, जिसका भव्य स्वागत किया गया।

पोस्ट ऑफिस चौक और जैन मार्केट चौक पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर प्रतिभागियों का अभिनंदन किया और चॉकलेट वितरित कर खुशियां साझा कीं।

प्रभात फेरी के दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “विक्रम संवत अमर रहे” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

देशभक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का संगम 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। शिक्षकों का सम्मान भी किया गया और उन्हें भगवा वस्त्र भेंट किए गए।

इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए समाज में एकता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार का संदेश दिया।