s

हुगली, 18 जुला। पश्चिम बंगाल सरकार के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग ने हुगली जिले की रिषड़ा नगरपालिका के बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने को कहा है। सरकार ने पूछा है कि नगरपालिका बोर्ड को क्यों न भंग कर दिया जाए। शनिवार को नगरपालिका सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह आदेश 17 जुलाई 2026 को विभाग की ओर से जारी किया गया।

आदेश के अनुसार, हुगली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एएम) ने 15 जुलाई को राज्य सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया कि रिषड़ा नगरपालिका में उत्पन्न गतिरोध के कारण नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नगरपालिका के आठ पार्षदों के इस्तीफे के बाद सामान्य प्रशासनिक कार्यों और आवश्यक नागरिक सुविधाओं के संचालन में गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं।

नगरपालिका के कार्यपालक अधिकारी (एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) ने भी 15 जुलाई को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर जानकारी दी थी कि आठ पार्षदों के इस्तीफे से नगरपालिका का नियमित कामकाज बाधित हो रहा है और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके आधार पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

राज्य सरकार ने आदेश में कहा है कि आठ पार्षदों के इस्तीफे के कारण बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स का सामान्य कामकाज पश्चिम बंगाल नगरपालिका अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो पा रहा है। इससे अधिनियम के तहत नगरपालिका की वैधानिक जिम्मेदारियों के निर्वहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिम बंगाल नगरपालिका अधिनियम, 1993 की धारा 431(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने रिषड़ा नगरपालिका के बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स को आदेश जारी किया है कि आदेश जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर यह स्पष्ट करें कि उपर्युक्त कारणों के आधार पर नगरपालिका बोर्ड को भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए।

यह आदेश पश्चिम बंगाल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा राज्यपाल के आदेश से जारी किया गया है। यदि बोर्ड संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है, तो रिषड़ा नगरपालिका को भंग किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।