खूंटी, 12 सितंबर । रांची झालसा के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), खूंटी के अध्यक्ष-सह-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन कर लोगों को सरल, सुलभ और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना था।
डालसा के सचिव कमलेश बेहरा ने बताया कि वर्ष 2026 में आयोजित यह तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत थी। मामलों के निष्पादन के लिए कुल 11 पीठों का गठन किया गया था। विभिन्न पीठों के माध्यम से 7,254 प्री-लिटिगेशन और 762 लंबित मामलों समेत कुल 8,016 मामलों का सफल निष्पादन किया गया। इन मामलों में कुल चार करोड़ सात लाख 12 हजार 597 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ।
लोक अदालत में पारिवारिक, दीवानी और आपराधिक मामलों के अलावा अपील एवं रिवीजन, मोटर दुर्घटना दावा वाद, बैंक संबंधी मामले, उपभोक्ता मामले, एसडीओ न्यायालय, सर्टिफिकेट, एलआरडीसी, भू-अर्जन और नगर पंचायत से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति से मामलों के निष्पादन से पक्षकारों का समय और धन बचता है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने आम लोगों से लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कराने की अपील की।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
