वाहन, आवास और कन्यादान समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का दावा
रांची के जगन्नाथपुर थाने में मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
रांची, 12 सितंबर। राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाने में राधा स्वामी संगठन की आड़ में विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज किया गया है। मामले में 12 लोगों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. संतोष कुमार के आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरिडीह समेत झारखंड के अन्य जिलों में भी संगठन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, हटिया स्थित संगठन के प्रदेश कार्यालय से लोगों को वाहन, कन्यादान, करोड़पति, एफएमसीजी, छात्रवृत्ति और आवास समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाती थी। वाहन ईएमआई योजना के तहत वाहन खरीदने वालों को ईएमआई में 40 से 90 प्रतिशत तक छूट दिलाने तथा बैंक से वाहन खरीदने के बाद उसकी निर्धारित किस्त संगठन की ओर से जमा करने का भरोसा दिया जाता था।
एफआईआर में बिनू साहू, शकुंतला कुमारी, दीपक कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, रश्मि कुमारी, अरुण कुमार प्रजापति, मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। शिकायत में आरोपितों को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, केंद्रीय जोनल प्रभारी और सीईओ समेत विभिन्न पदों पर बताया गया है।
वीडियो और बैंक पासबुक दिखाकर भरोसा दिलाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की उपस्थिति वाले वीडियो दिखाए जाते थे। साथ ही आरएसएबीएन निधि लिमिटेड के बैंक बचत खाते की पासबुक दिखाकर संगठन की गतिविधियों को वैध और सुरक्षित बताया जाता था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन आश्वासनों पर भरोसा कर लोगों ने नकद, ऑनलाइन भुगतान और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरएसओजी फूड कॉस्मेटिक प्राइवेट लिमिटेड के विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा की। शिकायत के साथ कथित लाभुकों की सूची, जमा राशि और बैंक लेनदेन का विवरण भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
ईएमआई बंद होने के बाद कार्यालय बंद होने का आरोप
डॉ. संतोष कुमार के अनुसार, उनकी गाड़ी की ईएमआई का भुगतान बंद होने के बाद उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क किया। आरोप है कि उन्हें लगातार यह आश्वासन दिया गया कि संगठन को केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों की योजनाओं के तहत राशि मिलने वाली है और उसके बाद लाभुकों की ईएमआई का भुगतान कर दिया जाएगा।
शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद हटिया स्थित प्रदेश कार्यालय बंद हो गया और बिनू साहू से संपर्क नहीं हो सका। आरोप है कि रकम और ईएमआई के भुगतान की जानकारी मांगने पर दीपक कुमार शर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी।
जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 316(5), 351(2), 352, 61(2) और 111(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच की जिम्मेदारी अवर निरीक्षक अशोक प्रसाद को दी गई है। पुलिस बैंक लेनदेन, योजनाओं की वास्तविकता, आरोपितों की भूमिका और अन्य जिलों में दर्ज मामलों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
