शहर ने ली राहत की सांस
पूर्वी सिंहभूम/रांची, 27 जनवरी । जमशेदपुर के बहुचर्चित अपहरण कांड में 14 दिनों तक लापता रहे कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी की मंगलवार तड़के सकुशल बरामदगी के बाद पूरे शहर ने राहत की सांस ली है। मंगलवार सुबह करीब चार बजे झारखंड–बिहार सीमा के पास हजारीबाग जिले के बरही–चौपारण खंड पर जीटी रोड पर अपहरणकर्ताओं ने पुलिस दबाव के चलते कैरव गांधी को छोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर परिजनों तक पहुंचाया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहरण के बाद अपराधी लगातार कैरव गांधी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर रहे थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। इसी दौरान जमशेदपुर पुलिस को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव को बिहार की ओर किसी अन्य सुरक्षित ठिकाने पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कई टीमों का गठन कर संभावित मार्गों पर घेराबंदी और सघन छापेमारी शुरू की। बढ़ते पुलिस दबाव और पकड़े जाने के डर से अपराधी बरही के पास जीटी रोड पर ही कैरव गांधी को कार में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद किया और परिजनों के आग्रह पर उन्हें उनके आवास तक पहुंचाया। हालांकि, अब तक इस मामले में न तो विस्तृत पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई है और न ही बरामदगी की परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी किया गया है, जिससे कई सवाल अब भी अनुत्तरित बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि सीएच एरिया में एसएसपी आवास के पड़ोस में रहने वाले कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी का 13 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इस कांड के पीछे बिहार के एक संगठित किडनैपिंग गिरोह की संलिप्तता की बात कही है। जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि अपहरण में शामिल गिरोह की पहचान कर ली गई है और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

परिवार ने शहरवासियों का जताया आभार
मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे देवांग गांधी अपने पुत्र कैरव गांधी के साथ आवास की बालकनी में आए और शहरवासियों, मीडिया तथा पुलिस प्रशासन का हाथ जोड़कर आभार जताया। देवांग गांधी ने कहा कि बीते 13–14 दिन उनके परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक रहे, लेकिन जमशेदपुर के लोगों की प्रार्थनाएं और समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। वहीं कैरव गांधी ने भी संक्षेप में सभी को धन्यवाद दिया, लेकिन अपनी आपबीती या बरामदगी से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की।
कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी के बावजूद पूरा मामला अब भी रहस्य के घेरे में है। वे इन 14 दिनों में कहां और किन परिस्थितियों में रहे, तथा बरामदगी वास्तव में कैसे हुई—इन सवालों पर अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है। इसी बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गांधी परिवार से मुलाकात कर खुशी जताई, लेकिन साथ ही पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपहरण, फिरौती एवं भ्रष्टाचार का केन्द्र बना झारखंड : आदित्य साहू
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने जमशेदपुर के व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी पर कहा कि यह सुखद खबर भाजपा के आंदोलन और दबाव का परिणाम है।
साहू ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी,अर्जुन मुंडा,रघुवर दास,मधु कोड़ा,चंपई सोरेन, सांसद विद्युत वरण महतो,डॉ दिनेशानंद गोस्वामी,विधायक पूर्णिमा साहू सहित जिलाध्यक्ष एवं पार्टी कार्यकर्ताओं का भी पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न घटे इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अपहरण,फिरौती एवं भ्रष्टाचार का केन्द्र बना झारखंड
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को सुरक्षा प्रदान करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेवारी है लेकिन जिस प्रकार से राज्य में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है, इससे पुलिस प्रशासन से जनता का भरोसा उठ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आज अपहरण,फिरौती,भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा।
राज्य सरकार की टूल बन गई है भ्रष्टाचार
उन्होंने कहा कि पार्टी के आंदोलन के बाद लगातार जिस प्रकार से राज्य के कई गरीब मां बाप के बच्चे घर लौटे यह पुलिस बिना आंदोलन के भी कर सकती थी लेकिन लगता है पुलिस अपनी जिम्मेवारी से भाग रही और अपना काम छोड़कर भ्रष्ट राज्य सरकार की टूल किट बन गई है।
साहू ने कहा कि अभी भी कई गरीब मां बाप अपने बच्चों की प्रतीक्षा कर रहे। लगभग 50 बच्चों की बरामदगी के बाद अन्य परिवारों को भी उम्मीद जगी है। पुलिस को उनके विश्वास पर खरा उतरना चाहिए।
