रांची, 8 अगस्त । झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। शनिवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।
मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में यह वार्ता करीब पौने दो घंटे तक चली। वार्ता में सरकार के चार मंत्री और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से जुड़े छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शामिल हुए। वार्ता में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक विवादित परीक्षाएं पूरी तरह रद्द नहीं की जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने 10 अगस्त को पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव करने की घोषणा भी दोहराई है।
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव ने छात्रों का पक्ष सुना। मंत्रियों ने अभ्यर्थियों से धरना स्थगित करने की अपील की। सरकार ने कहा कि वह परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार पूरे राज्य के युवाओं और सभी हितधारकों से सुझाव लेगी। इसके लिए सरकार ने एक विशेष ईमेल आईडी (जेपीएसएसी डॉट फीडबैक ऐट जीमेल डॉट कॉम) जारी की है। राज्य का कोई भी नागरिक या छात्र इस ईमेल पर परीक्षा सुधार से जुड़े सुझाव भेज सकता है। नीति तैयार करते समय इन सुझावों को शामिल किया जाएगा।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। सरकार अन्य छात्र समूहों से भी बातचीत करेगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शुरू से संवेदनशील रही है। सरकार ने मामले में सीआईडी जांच कराई, छापेमारी की और गिरफ्तारियां भी कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। दूसरी ओर, छात्रों ने अपना रुख साफ रखा है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे मुख्य मांग से पीछे नहीं हटेंगे। परीक्षा रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले शुक्रवार को भी पहले दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन उसमें भी कोई ठोस रास्ता नहीं निकल सका था। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनातनी बनी हुई है।
