राज्यपाल

मोरहाबादी मैदान में मुख्य राजकीय समारोह

रांची, 26 जनवरी। झारखंड में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। समारोह में तीनों सशस्त्र बलों, पुलिस और विभिन्न टुकड़ियों की आकर्षक परेड ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।

राज्यपाल का संदेश: एकजुट होकर बनाएं सशक्त और समृद्ध झारखंड

ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की संप्रभुता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने राज्यवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर समृद्ध, खुशहाल और सशक्त झारखंड के निर्माण का संकल्प लें।

उन्होंने कहा कि यह दिन उन स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनकी बदौलत देश को आज़ादी और संविधान मिला।

भारतीय संविधान: अतीत, वर्तमान और भविष्य का मार्गदर्शक

राज्यपाल ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान के लागू होने के साथ ही भारत के सुनहरे भविष्य की नींव पड़ी। भारतीय संविधान अतीत के अनुभवों, वर्तमान की आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 76 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा यह सिद्ध करती है कि भारत विश्व के सबसे सफल लोकतांत्रिक गणतंत्रों में से एक है।

उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा संविधान मानव कल्याण और विश्व-बंधुत्व का संदेश देता है।

विकास के पथ पर अग्रसर झारखंड

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। आधारभूत संरचना, ऊर्जा, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में राज्य ने निरंतर प्रगति की है।

खनिज संसाधनों से संपन्न झारखंड को उन्होंने ‘रत्नगर्भा’ भूमि बताते हुए कहा कि यह धरती न केवल राज्य बल्कि पूरे राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही है।

जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर

राज्यपाल ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पेसा नियमावली का लागू होना जनजातीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना के तहत 51 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे महिलाओं का सम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग तीन लाख सखी मंडलों का गठन किया गया है। इन्हें चक्रीय निधि और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम

राज्यपाल ने बताया कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर पश्चिम सिंहभूम, बोकारो और दुमका में तीन नए विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। 803 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत की गई है।

उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू की गई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सुपर स्पेशलिटी रिम्स-2 का निर्माण किया जा रहा है, वहीं पीपीपी मोड पर छह नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

विशिष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मी सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए कई पुलिस अधिकारियों और जवानों को झारखंड राज्यपाल पदक से सम्मानित किया गया। इनमें आईपीएस प्रभात कुमार, आईपीएस अश्विनी कुमार सिन्हा, इंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, दारोगा गणेश चंद्र पान सहित झारखंड जगुआर के जवान शामिल रहे।

आकर्षक झांकियों ने मोहा मन

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा तिरंगा फहराए जाने के बाद निकाली गई रंग-बिरंगी और संदेशपूर्ण झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस वर्ष कुल 12 विभागों की ओर से झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, पर्यटन और तकनीकी शिक्षा जैसे विषयों की झलक देखने को मिली।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें झारखंड के 25 वर्षों के विकास सफर को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इसमें राज्य की खनिज संपदा, औद्योगिक विकास, परिवहन, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, बाल विकास और आधारभूत संरचना को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

भगवान बिरसा मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमाएं इस झांकी का मुख्य आकर्षण रहीं।

झांकियों के साथ जनजातीय वाद्ययंत्र ढोल, नगाड़ा और मांदर की धुनों पर पारंपरिक नृत्य ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। पर्यटन, ग्रामीण विकास, गृह-कारा-आपदा प्रबंधन और कला-संस्कृति विभाग की झांकियों में झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया। इनमें मलूटी मंदिर, पलामू किला और  जामा मस्जिद की झलक भी शामिल रही। साथ ही साइबर अपराध के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

इन विभागों की झांकियां रहीं शामिल

-वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग-ग्रामीण विकास विभाग-गृह, कारा व आपदा प्रबंधन विभाग-स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग-कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग-सूचना एवं जनसंपर्क विभाग-पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद व युवा कार्य विभाग-स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण विभाग-खादी ग्रामोद्योग बोर्ड-परिवहन विभाग-महिला, बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग-उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग

जिलों और विभागों में धूमधाम से मनाया गया पर्व

रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उपायुक्त आवास, समाहरणालय परिसर और भू-बंदोबस्त कार्यालय में तिरंगा फहराया। उन्होंने संविधान के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने पुलिस लाइन और अपने आवास में ध्वजारोहण किया।  उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया ने विकास भवन में तिरंगा फहराकर अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को शुभकामनाएं दीं।

पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने गिनाईं उपलब्धियां

धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने तिरंगा फहराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों, साइबर अपराध, मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है।

उन्होंने पुलिस बल की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में झारखंड पुलिस राज्य को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।