विधानसभा

गोला–मुरी रोड की खराब हालत पर जांच के निर्देश

जेलों में 4जी-5जी जैमर लगाने की तैयारी

धुर्वा आवास आवंटन और गढ़वा के पेयजल संकट पर सरकार ने दिया आश्वासन

रांची, 14 मार्च। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन शनिवार को सदन में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग, आवास आवंटन और पेयजल संकट जैसे कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे जोरदार तरीके से उठे। विभिन्न क्षेत्रों के विधायकों ने सरकार से इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की, जिस पर संबंधित मंत्रियों ने जांच और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

गोला–मुरी रोड की जर्जर हालत पर उठे सवाल

रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक ममता देवी ने गोला-मुरी सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सड़क का निर्माण बेहद खराब तरीके से किया गया है और कुछ ही समय में वह जर्जर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और जिम्मेदार संवेदक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि विधायक की मांग के अनुसार उनकी उपस्थिति में सड़क की जांच कराई जाएगी। साथ ही बजट सत्र समाप्त होने के बाद पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, ताकि निर्माण में हुई अनियमितताओं की पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जा सके।

जेलों में 4जी-5जी जैमर लगाने का मुद्दा

जरमुंडी के विधायक देवेंद्र कुंवर ने राज्य की जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग को रोकने के लिए 4जी और 5जी जैमर लगाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि पिछले सत्र में दिए गए आश्वासन के बाद इस दिशा में अब तक क्या प्रगति हुई है।

इस पर विभागीय मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो ने बताया कि राज्य की जेलों में जल्द ही 4जी नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे। इससे जेल के अंदर मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

धुर्वा में बने 393 मकानों के आवंटन का मामला

हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मौजा में बने आवासों के आवंटन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां तैयार मकान  वास्तविक विस्थापितों को जल्द आवंटित किए जाने चाहिए।

इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि वहां कुल 393 मकान बनकर तैयार हैं। वर्ष 2016 में एक निजी परामर्श संस्थान के माध्यम से विस्थापित लाभुकों की सूची का सर्वे कराया गया था, जिसमें 108 ऐसे लोगों के नाम पाए गए जो वास्तविक लाभार्थी नहीं हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार किसी भी परिस्थिति में बाहरी लोगों को जमीन या मकान आवंटित नहीं होने देगी। विधायक की मांग पर मंत्री ने कहा कि सरकार अगले सत्र से पहले इस मामले पर ठोस निर्णय लेगी।

गढ़वा में पेयजल संकट पर चापाकल लगाने की मांग

गढ़वा जिले में पेयजल संकट का मुद्दा भवनाथपुर के विधायक अनंत प्रताप देव ने उठाया। उन्होंने कहा कि यह इलाका सूखा प्रभावित क्षेत्र है और पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजनाएं अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई हैं।

उन्होंने बताया कि पहले विधायकों को अपने क्षेत्र में 10-10 चापाकल लगाने की अनुमति मिलती थी, जिससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलती थी। वर्तमान में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।  विधायक ने गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द चापाकल लगाने की व्यवस्था करने की मांग की, जिसका अन्य विधायकों ने भी समर्थन किया।