दर्द मुक्‍त जीवन

कोलकाता, 20 जुलाई। रविवार को कोलकाता के बंगाल रोइंग क्लब में ‘कंसर्न फॉर कलकत्ता’ और सी. के. बिड़ला हॉस्पिटल्स- सीएमआरआई की ओर से दर्द-मुक्त जीवन पर एक हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया।

‘कंसर्न फॉर कलकत्ता’ के प्रेसिडेंट नारायण जैन ने सभी का स्वागत किया । मुख्य अतिथि  सी. के. बिड़ला हॉस्पिटल्स-सीएमआरआई के सीईओ डॉ. सोमब्रता रॉय ने सीएमआरआई की सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता के बारे में बात की। उन्होंने ज़रूरतमंद मरीज़ों के लिए अस्पताल के चैरिटी फंड और मरीज़ों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए नैतिक और उच्च-गुणवत्ता वाली हेल्थकेयर पर ज़ोर दिया। इस मौके पर सीएमआरआई के मार्केटिंग हेड एम्ब्रोस रंजन पॉल, डॉ. बानी चंदा, राजेंद्र खंडेलवाल, रमा सान्याल, सेक्रेटरी के. एन. गुप्ता, पवन पहाड़िया और गोपेश्वर अग्रवाल मौजूद थे।
डॉ. अमिताभ चंदा ने “दर्द-मुक्त जीवन: पीठ दर्द, गर्दन दर्द और सिरदर्द” पर बात की। डॉ. चंदा ने कहा – आधुनिक जीवन-शैली—जैसे लंबे समय तक बैठे रहना, कम एक्सरसाइज़, मोटापा और स्मार्टफ़ोन के लिए बार-बार झुकना—ने रीढ़ की हड्डी पर बोझ और बढ़ा दिया है। पीठ और गर्दन दर्द के ज़्यादातर मामले मांसपेशियों में खिंचाव, गलत पोस्चर या उम्र के साथ होने वाले बदलावों की वजह से होते हैं और आमतौर पर दवा, फिजियोथेरेपी और नियमित शारीरिक गतिविधि से ठीक हो जाते हैं।

पीठ दर्द के हर मामले में एमआरआई की ज़रूरत नहीं होती और बहुत कम मरीज़ों को सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है। हालांकि, जब ज़रूरत हो, तो आधुनिक स्पाइन सर्जरी से बहुत अच्छे नतीजे मिलते हैं। उनका आखिरी संदेश सरल और असरदार था: “एक्टिव रहें, सही पोस्चर बनाए रखें, न्यूरोलॉजिकल चेतावनी के संकेतों को जल्दी पहचानें और न सिर्फ़ ज़्यादा समय तक जीने की, बल्कि दर्द-मुक्त और बेहतर जीवन-शैली के साथ जीने की कोशिश करें।”
डॉ. बानी चंदा ने माइग्रेन के मैनेजमेंट के लिए घर पर अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक तरीके बताए और जीवन-शैली से जुड़े ऐसे आसान उपाय सुझाए जिनसे मरीज़ों की जीवन-शैली में काफ़ी सुधार हो सकता है।
दीपक जैन पूर्व अध्यक्ष, केएस अधिकारी, पूर्व अध्यक्ष, ओपी झुनझुनवाला, (आईपीपी), डॉ. सुरेश अग्रवाल, कौशल्या जैन, लेखा शर्मा, (उपाध्यक्ष), शरत झुनझुनवाला, पीएल शाह, सीए विकास जैन, रमाकांत सुरेलिया, जगत बैद, केसी तिवारी, रमेश सोवासरिया, बीएल दुगर, आरडी काकरा, भरत बैद और अन्य सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया