nai

खड़गपुर, 17 फरवरी । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के प्राध्यापकों के एक दल ने नई दिल्ली में आयोजित भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव में भाग लेकर “दशभुजा– शिक्षक-नेतृत्व वाली एआई-सक्षम कक्षाएं” का प्रदर्शन किया। यह पहल शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण की दिशा में साक्ष्य-आधारित और शोध-उन्मुख मॉडल प्रस्तुत करती है।

आईआईटी खड़गपुर ने मंगलवार को विज्ञप्ति में बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रो. नीलॉय गांगुली (अध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग), प्रो. प्लाबन भौमिक (प्रमुख, एआई), प्रो. देबादित्य रॉय (सीएसई) तथा प्रो. डॉ. तुतन अहमद (वीजीएसओएम) शामिल थे।

प्राध्यापकों ने बताया कि “दशभुजा” पहल केवल कक्षाओं में एआई उपकरणों की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न आयु वर्गों में एआई हस्तक्षेपों के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी करती है।

उन्होंने कहा कि इस मॉडल के अंतर्गत शिक्षकों को पाठ्यक्रम-अनुरूप सहयोग प्रदान किया जाता है। छात्र सहभागिता, विषय की समझ तथा अधिगम परिणामों में सुधार को व्यवस्थित रूप से मापा जाता है।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के निदेशक सहित वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया। “दशभुजा” की शिक्षक-केंद्रित एवं डेटा-समर्थित कार्यप्रणाली को व्यापक सराहना प्राप्त हुई।

—————