कोलकाता, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महान शिक्षक, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने शनिवार को सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित किया तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने कहा कि गुरु मन को प्रकाशित करने, चरित्र का निर्माण करने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। भारत की सनातन ज्ञान परंपरा में गुरु ज्ञान, प्रज्ञा और मूल्यों के प्रमुख स्रोत रहे हैं। गुरुकुल और गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से पीढ़ियों को विद्या, विवेक, धर्म और कर्तव्य का बोध कराया गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षक समाज इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान की जिज्ञासा और स्वतंत्र चिंतन की क्षमता विकसित करने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारते हैं और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। ज्ञान, आत्मविश्वास और नैतिक चरित्र से समृद्ध युवा ही भारत के गौरवशाली भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आदर्श शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को अंधकार में प्रकाश का रास्ता दिखाते हैं। वे उन्हें सपने देखने, गलतियों से सीखने और आगे बढ़ने का साहस देते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रेम, अनुशासन, प्रेरणा और आशीर्वाद व्यक्ति और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यक्ति जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, उसकी सफलता के पीछे किसी न किसी शिक्षक का योगदान अवश्य रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माण के मौन वास्तुकार हैं। उन्होंने जीवन को दिशा देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे 1952 से 1962 तक देश के उपराष्ट्रपति और 1962 से 1967 तक राष्ट्रपति रहे। शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके योगदान के सम्मान में हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
