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पूर्वी सिंहभूम, 26 सितंबर। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव बेहतर बनाने के उद्देश्य से 12021/12022 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस के रेक का व्यापक उन्नयन किया है। झारखंड और उत्तरी ओडिशा के औद्योगिक एवं खनिज बहुल क्षेत्रों को हावड़ा से जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण दैनिक ट्रेन अब उन्नत सुविधाओं और बेहतर साज-सज्जा वाले कोचों के साथ संचालित हो रही है।

रेलवे की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार, रेक के उन्नयन के दौरान कोचों के अंदरूनी हिस्सों के साथ बाहरी संरचना और रखरखाव से जुड़े कार्य भी किए गए हैं। यात्रियों के बैठने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए सीटों की गद्दियां और कवर बदले गए हैं। खराब आर्मरेस्ट और रिक्लाइनर बदले गए, जबकि सेंटर टेबल और स्नैक ट्रे की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया गया है। कोचों की छत और लगेज रैक को भी दुरुस्त किया गया है।

खिड़कियों की क्षतिग्रस्त फिटिंग और रोलर ब्लाइंड्स को बदलकर उन्हें बेहतर बनाया गया है। गैर-वातानुकूलित कोचों में नए पंखे, एलईडी लाइट और चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं। वहीं वातानुकूलित कोचों में चार्जिंग सुविधा के साथ बेहतर रीडिंग लाइट समेत अन्य आंतरिक यात्री सुविधाओं को उन्नत किया गया है।

ट्रेन के शौचालयों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शौचालय क्षेत्रों में नए फर्श, बेहतर जल फिटिंग, नवीनीकृत आंतरिक साज-सज्जा और हाइजीन मैट लगाए गए हैं। इससे स्वच्छता और साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

कोचों के बाहरी हिस्सों का भी नवीनीकरण किया गया है। इसमें पीयू पेंटिंग, जंग प्रभावित हिस्सों का उपचार, दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत तथा कोच और गंतव्य संकेतक बोर्डों में सुधार शामिल है।

रेलवे के अनुसार, रेक के व्यापक उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों को अधिक स्वच्छ, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस जमशेदपुर समेत चक्रधरपुर रेल मंडल के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण दैनिक ट्रेन है। इसके माध्यम से पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के बीच यात्रियों, कर्मचारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलती है। रेक के उन्नयन से इस नियमित सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।