कोलकाता, 28 मई। गंगा समग्र दक्षिण बंगाल की ओर से माँ गंगा के अवतरण दिवस पर हावड़ा के शिवपुर लांच घाट में गंगा दशहरा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर वैदिक विद्वानों ने पंचांग पूजन के साथ माँ गंगा का विधिवत पूजन किया। समारोह के यजमान सज्जन कुमार बंसल के प्रतिनिधि ने माँ गंगा के सहस्र नाम से कमल के 1000 फूल और सिन्दूर द्वारा अर्चन किया। काशी के पांच विद्वानों ने दिव्य गंगा महाआरती किया।
समारोह की अध्यक्षता गंगा समग्र पश्चिम बंगाल के संरक्षक आचार्य डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय ने की । स्वागत संबोधन एवं संस्था का परिचय गंगा समग्र दक्षिण बंगाल के आरती प्रमुख रमाकांत पण्डित ने दिया। संस्था के कार्यकर्ताओं ने अंगवस्त्र प्रदान कर अतिथियों का अभिनन्दन किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक पूर्वक्षेत्र रमापद पाल ने गंगा की महिमा का वर्णन किया। विशिष्ट अतिथि ब्रिगेड परेड मैदान में 2025 में आयोजित पांच लाख कण्ठे गीता पाठ के मुख्य सूत्रधार एवं प्रेम मन्दिर रिसड़ा के स्वामी श्री निर्गुणानन्द जी महाराज ने माँ गंगा के अवतरण के साथ ही निर्मल गंगा अविरल गंगा पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि सनातन संस्कृति संसद के उपाध्यक्ष स्वामी श्री सर्वानंद अवधूत ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह अध्यक्ष गंगा समग्र पश्चिम बंगाल के संरक्षक आचार्य डॉ राकेश कुमार पाण्डेय ने अध्यक्षीय संबोधन किया। गंगा समग्र दक्षिण बंगाल की संरक्षिका खन्ना माँ ने अपना उद्गार व्यक्त किया। आभार ज्ञापन संजय उपाध्याय ने किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण मुम्बई से पधारे अंतरराष्ट्रीय सुन्दरकाण्ड भजन गायक पं प्रेम प्रकाश दुबे ने गंगा महिमा एवं मधुर भजन गायन कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। भजन गायिका रंजना तिवारी और गणेश चौरसिया ने भी अपने कर्णप्रिय भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
मंच संचालन महावीर प्रसाद रावत ने किया। घाट पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा भक्त उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलदीप माइती,विनय दुबे,मनोज तिवारी,विकास धनानियां,उदित खेरिया, बसन्त सेठिया,विजय पाण्डेय, डॉ यश खेरिया, महेश केडिया, राजू लाठ, जतिन सेवक,अपूर्वा पाण्डेय,सोमनाथ अडुकिया,चिरागजी सहित अनेकानेक गणमान्य विशिष्टजन उपस्थित थे।कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा समग्र दक्षिण बंगाल के रामकिशुन साव,राजेश पाण्डेय,विकास सिंह, पीतमदास,पंकज साव, विवेक चौबे,गीता देवी पण्डित,चित्रा राय,रूबी पाण्डेय की भूमिका उल्लेखनीय रही।
