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कोलकाता, 27 जुलाई । सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन सुरंग धंसने की घटना में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के 11 श्रमिकों के परिजनों को सोमवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और नौकरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जलपाईगुड़ी जिलाधिकारी कार्यालय में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपने हाथों से सहायता राशि के चेक और नियुक्ति पत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 11 प्रभावित परिवारों में से नौ परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इनमें सात लोगों को होमगार्ड और दो लोगों को सिविक पुलिस के पद पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी 11 परिवारों को मिलाकर कुल 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन सुरंग में धंसने से पश्चिम बंगाल के 11 श्रमिकों की मौत हो गई थी। इनमें नौ श्रमिक जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार के रहने वाले थे। दुर्गम इलाके और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच राहत एवं बचाव दल ने सभी शवों को बाहर निकाला था। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सिक्किम सरकार से संपर्क कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया था। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर भेजने की भी पेशकश की थी। साथ ही मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता देने का वादा किया था।

सोमवार को जलपाईगुड़ी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों का हालचाल जाना, संवेदना व्यक्त की और सात परिवारों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र तथा आर्थिक सहायता सौंपी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रवासी श्रमिकों से पश्चिम बंगाल लौटने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने श्रमिकों से नया जॉब कार्ड बनवाने और 125 दिनों के रोजगार का लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत योजना का लाभ उपलब्ध है, जबकि जिन लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ नहीं मिलेगा, उनके लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य लौटने वाले श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।