गिरिडीह, 24 नवंबर। जिले के विभिन्न अंचलो में हाल के दिनो में जंगली हाथियों के आंतक से कई गांवों के ग्रामीणों की दिनचर्या असंतुलित हो गई है। हाथी जान माल दोनों की क्षति कर रहे है । ताजा मामला बिरनी थाना क्षेत्र का है, जहा सोमवार को एक बार फिर जंगली हाथियों ने कहर बरपाया । हाथियों ने सोमवार सुबह दो महिलाओं सहित तीन लोगों को बेरहमी से कुचल दिया । जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है । घटना के बाद वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है । ग्रामीण पीड़ित परिजनों को मुआवजा एवं घायल के इलाज की गारंटी की मांग की है।
इस बीच डीएफओ मनीष तिवारी ने कहा कि दोनों मृतकों के परिजनो को शुरुआती मुआवाजा राशि 30 – 30 हजार का भुगतान किया गया है। बताया गया कि घटना जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के गादी गांव की है। मृतकों में शांति देवी ( 65 ) एवं बोधी पंडित ( 55 ) शामिल हैं । गंभीर रूप से घायल की पहचान पेशम गांव की सुदामा देवी के रूप में की गई है। उनका इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में किया जा रहा है।
घटना के बाबत ग्रामीण संतोष पंडित सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की सुबह शांति देवी और बोधी पंडित अपने खलिहान और बारी काम कर रहे थे। तभीअचानक हाथियों ने हमला कर दोनों को कुचल दिया। जबकि सुदामा देवी को एक हाथी ने बुरी तरह से पटक दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई । घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और बरकट्ठा पुलिस मौके पर पहुंची । इस बीच मौके पर पहुंचे क्षेत्र के विद्यायक नगेन्द्र महतो ने वन विभाग के अधिकारियो से अविलम्ब हाथियों का गांव से बाहर करने का आग्रह किया और कहा कि मृतको को मुआवजे की शेष राशि तीन लाख 70 हजार का सात दिनों के भीतर भुगतान कराने का प्रयास करेंगे।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व भी देवरी थाना के सियाटाड़ में जागो महतो ( 40 ) को झुंड से बिछडे हाथी ने कुचल कर माल डाला था । वन विभाग के मुताविक पिछले एक पखवाड़े से 20 – 22 छोटे – बड़े हाथियों का झुंड जमुआ , देवरी , बिरनी के इलाके में भ्रमणशील है, विभाग की टीम इन्हें जंगल में भेजने में जुटी है।
