कोलकाता, 10 अक्टूबर। उत्तर बंगाल के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान हालात में सुधार है। इस अवधि में किसी की मौत की सूचना नहीं आई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह तक मृतकों की कुल संख्या 39 थी, जो शुक्रवार सुबह तक अपरिवर्तित रही।
बीते 24 घंटों में आवश्यक बुनियादी ढांचे को बहाल करने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा है। पर्वतीय सड़कों की मरम्मत होने से आवागमन में सुधार हुआ है। हालांकि पूर्ण रूप से नहीं, परंतु अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है।
फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां कब शुरू होंगी, क्योंकि बाढ़ और भूस्खलन के कारण अधिकांश शिक्षण संस्थानों को भारी क्षति पहुँची है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कर्सियांग की कुल 18 विद्यालय पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 13 अक्टूबर को एक बार फिर उत्तर बंगाल के दौरे पर जाएंगी। इस बार उनका कार्यक्रम केवल पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने उत्तर बंगाल के मैदान क्षेत्रों का दौरा किया था।
राज्य संपत्ति को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन 10.62 करोड़ रुपये लगाया गया है। हालांकि यह अस्थायी आंकड़ा है और दार्जिलिंग व कालिम्पोंग जिलों में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का अंतिम आंकड़ा कुछ समय बाद ही प्राप्त हो सकेगा। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों (तेराई व डुआर्स क्षेत्र) में हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में सड़कों, पुलों, जलाशयों आदि के क्षतिग्रस्त होने से सर्वाधिक नुकसान हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में पदोंग, लावा, गोरुबाथान और कालिम्पोंग ब्लॉकों में सड़कों को सबसे अधिक क्षति पहुंची है।
